मुजफ्फरपुर अंतर्गत मनरेगा के द्वारा कराए जा रहे काम को लेकर घोर भ्रष्टाचार का आलम है। कार्य कहीं और का, फोटो कही और का और कार्य स्थल पर काम करने वाले मजदूरों की संख्या पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसको लेकर कुढ़नी और सरैया के PO को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मनरेगा के मजदूर जहां काम न मिलने को लेकर संघर्षरत हैं और पिछले 32 दिनों से मुजफ्फरपुर समाहरणालय परिसर में दिन रात धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं मुजफ्फरपुर के हर प्रखण्ड में भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी कुढ़नी और सरैया में ये मामला उजागर हुआ है कि फोटो जहां की अपलोड की जा रही है, धरातल पर वहां कोई काम दिख ही नहीं है। स्थानीय लोग भी मनरेगा के तहत कार्य होने की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
मनरेगा के तहत हो रहे कार्य की मजदूरों के लिए मस्टर रोल बनता है, जिसमें उनकी उपस्थिति बनाई जा रही है उसमें भी बहुत बड़ा घोटाला किया जा रहा है। कार्य में लगे मजदूरों की संख्या से कही अधिक बढ़ा कर दिखाया जा रहा है। और भुगतान भी कर दिया जा रहा है। ग्रामवासियों के अनुसार 8-10 लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं और फोटो होता है और उसके बाद पूरे दिन तास खेलते है सब। तो एक सम्भावना जताई जा सकती है कि भ्रष्टाचार का सारा खेल PO द्वारा खेला जा रहा हो।
इस संबंध में जब DPO अभय उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विभाग के स्तर से भी जांच की जा रही है। विभाग की एक मॉनिटरिंग कमेटी NMMS है जिसके द्वारा PO और रोजगार सेवक पर नजर रखी जा जाती है। कार्य में लापरवाही के कारण सरैया के PO हंसराज कुमार और कुढ़नी के PO अंजनी कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि रोजगारसेवको से पंचायत वार कार्य और मजदूरों की संख्या की जानकारी लेने को कहा गया है।










