
स्थानीय लोगों ने कई बार की शिकायत; बिहार सरकार के अधिकारी शिकायतों के बाद भी करते हैं हादसे का इंतजार
मुजफ्फरपुर के सहबाजपुर आर्मी कॉलोनी में एक बिजली पोल से 15 मकानों के कनेक्शन और तारों के जाल को लेकर हादसे की आशंका जताई गई है। शिकायत के बाद विभाग से कार्रवाई की मांग।
मुजफ्फरपुर/खबर जिन्दगी: शहर के आर्मी कॉलोनी, सहबाजपुर मोहल्ले के वार्ड नंबर-3 में बिजली विभाग की घोर लापरवाही का नमूना देखने को मिल रहा है। यहां एक घर से सटाकर बिजली का पोल गाड़ करीब 15 मकानों में कनेक्शन दे दिया गया है। इससे वहां तारों का जाल बन गया है जो कभी भी बड़े खतरे का वजह बन सकता है।

अर्जुन तिवारी ने बताया कि पोल के आसपास कई मकान स्थित हैं। ऐसे में यदि तारों में आग लगती है या विद्युत संबंधी कोई दुर्घटना होती है तो आसपास के घरों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। यही वजह है कि लोग विभाग से समय रहते व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं।
कई बार की गई है शिकायत
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस समस्या को लेकर बिजली विभाग के कर्मियों और अधिकारियों को कई बार मौखिक रूप से जानकारी दी गई। इसके अलावा लिखित आवेदन के माध्यम से भी समस्या से अवगत कराया गया। इसके बावजूद अब तक पोल और तारों की व्यवस्था को सही करने की दिशा में कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।
लोगों को आशंका है कि विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। एक ही पोल से बड़ी संख्या में मकानों को कनेक्शन दिया गया है जिससे वहां का तारों का जाल बन गया है, और तारों की स्थिति खराब है। बावजूद इसके समय रहते निरीक्षण और सुधार की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
क्या हादसों का इंतजार कर रहा विभाग?
मोहल्लेवासियों का कहना है कि बिजली जैसी संवेदनशील व्यवस्था में छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में स्थानीय लोगों की शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाना जरूरी है।
ऐसे में विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पोल पर तारों का कनेक्शन तकनीकी मानकों के अनुरूप हो और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पोल अथवा अन्य सुरक्षित व्यवस्था की जाए।
आवेदन द्वारा वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों ने अब विद्युत विभाग के वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। आवेदन में मौके की जांच कर समस्या का स्थायी समाधान कराने का आग्रह किया गया है, ताकि भविष्य में किसी तरह की विद्युत दुर्घटना की स्थिति पैदा न हो।
इस मामले पर विभाग से संपर्क कर उनकी राय जानने की कोशिश की गई लेकिन कोई अधिकारी मंतव्य देने के लिए उपस्थित नहीं हो पाए। अब देखना यह है कि शिकायत के बाद विभाग मौके का निरीक्षण कर व्यवस्था को दुरुस्त करता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाता है।










