खेती की विविधताओं के साथ ऊर्जा संरक्षण तक की जानकारी स्कूली बच्चों के द्वारा बताई जा रही है। प्रायोगिक शिक्षा ने पूरी शिक्षा पद्धति को एक नया आयाम दिया है।
बच्चों की ईसी जानकारी को समाज के स्तर पर लाने के लिए कई सरकारी और निजी संस्थाएं समय समय पर प्रदर्शनी आयोजित करती रही हैं। इसी कड़ी में 18 नवंबर से प्रखंड स्तर पर राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी की शुरुआत होगी।
राज्य शिक्षा शोध प्रशिक्षण परिषद ने इसे लेकर निर्देश दिया है। टिकाऊ खेती से लेकर ऊर्जा संरक्षण तक पर बच्चे अपनी बुद्धिमता स्तर को प्रदर्शनी के माध्यम से इसमे बताएंगे। एससीईआरटी ने निर्देश दिया है कि इस प्रतियोगिता में सरकारी स्कूल के साथ ही डीएवी, सरस्वती विद्या मंदिर के बच्चे ही भाग ले सकेंगे। केंद्रीय विद्यालय, नवोदय, सीबीएसई के बच्चे राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में भाग नहीं लेंगे।
बच्चे स्थानीय चीजों से संबंधित प्रदर्शनी लगाएंगे। प्रखंड स्तर पर 18 से 25 नवम्बर के बीच इस प्रतियोगिता को कराना है। जिला स्तर पर 26 नवम्बर से 5 दिसम्बर के बीच यह प्रतियोगिता होगी। राज्य स्तर की तिथि की सूचना बाद में दी जाएगी।
विज्ञान कोष से खर्च कर सकेंगे बच्चे
एससीईआरटी ने निर्देश दिया है कि प्रदर्श बनाने में होने वाला खर्च का भुगतान स्कूल के विज्ञान कोष से किया जा सकेगा। दिव्यांग बच्चों को इसमें विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। बच्चे स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, मनोरंजक गणितीय मॉडलिंग भी बना सकते हैं।








