एक 17 साल की बच्ची जिसके अपने सपने अपने कुछ अरमान थे। वो खुले आसमान को रंगो से अपने कैनवास पर उकेर कर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। लेकिन ऐसा हुआ क्या कि उसने खुद की मौत को ही कैनवास पर चित्रित कर दुनिया को कह दिया अलविदा
खबर मध्यप्रदेश के इंदौर की है जहां चौधरी नगर थाना क्षेत्र की मुसाखेड़ी स्थित चौधरी पार्क कॉलोनी की रहने वाली 17 साल की बच्ची राधिका दुबे ने मौत को गले लगा लिया। मरने से पहले उस बच्ची ने एक पन्ने पर खुद की एक तस्वीर बनाई जिसमें उसने खुद को दुनिया को अलविदा करते हुए दर्शाया। उस चित्र में उसने पहाड़ों की एक श्रृंखला बनाई और पहाड़ों की तरफ खुद का चेहरा रख बाएं हाथ से अलविदा करते हुए दिखाया। ऐसा करने के पीछे इस बच्ची राधिका की क्या मंशा रही किसी को भी नहीं पता।
जब ये घटना घटी तब इसके माता-पिता काम पर गए थे। जब वो काम से वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि उनकी बच्ची फांसी पर लटकी हुई है। पूरे घर में चित्कार मच गया। माँ-बाप की चीत्कार सुन आस परोस को लोग राधिका के घर की तरफ भागते हुए आए, तब सब को घटना की जानकारी मिली। पूरा मोहल्ला गमगीन और शोक की लहर में डूब गया।
राधिका 11वीं की छात्रा थी। परिजनों का कहना है कि पढ़ने में भी काफी होशियार और चित्रकला में निपुण शांत स्वभाव की लड़की थी। उसकी हाल में बनाई गई पेंटिंग में उसने खुद की आपबीती को जरूर उकेड़ने की कोशिश की थी, लेकिन शायद किसी ने इस चीज को नोटिस करने की कोशिश नहीं की। ‘गुड बाय’ वाली पेंटिंग उसकी अंतिम पेंटिंग थी।
मातापिता की चीत्कार सुन पड़ोसियों ने पुलिस को फोन कर दिया। तत्काल पुलिस पहुंची और फंदे से राधिका को उतारा गया। वो हाथ और उंगलियां बेजान हो चुकी थी जिससे राधिका अपने सपनों को एक नई पहचान देना चाह रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फांसी लगाने की वजह क्या थी अब पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। उसके कमरे के साथ साथ उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया एक्टिविटी को भी पुलिस खंगालने का काम कर रही है, साथ ही आसपड़ोस से जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।










