सोमरस की तलब ऐसी…अस्पताल प्रबंधन भी न रोक पाया।
मामला शाहजहांपुर का है जहां एक युवक के साथ 2 दिन पहले एक हादसा हुआ, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया। उसकी मरहम पट्टी शुरू की गई। पट्टी के बाद उसे एक बेड भी उपलब्ध करवा दिया गया। अब यहां से ऐसा माजरा शुरू होता है जिसने अस्पताल प्रबंधन को घुटनों पर ला दिया।
हुआ यूं कि थाना निगोही के रहने वाले विपीन का 2 दिन पहले एक्सीडेंट हुआ,जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गया। राजकीय अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। इधर डॉक्टर दूसरे मरीज के इलाज में उलझे कि विपिन यूरिन बैग और शरीर पर लगे बैंडेज पट्टी सहित शराब के ठेके पर पहुंच गया। उसने शराब की बोतल खरीदी और पास के चापकल से बोतल में पानी भरी और सीधे लगा लिया अपने मुंह में। हलक को जब तृप्ति मिली तो बिपिन ने बची शराब पॉकेट में डाल कर अस्पताल पहुंचा और अपने बेड पर सो गया।
वाह रे अस्पताल के सुरक्षा गार्ड जिनकी इस शराबी मरीज पर नजर नहीं पड़ी। और वाह अस्पताल प्रबंधन का जिसने ऐसे ऐसे सुरक्षा गार्ड अस्पताल की सुरक्षा के लिए रख रखे हैं। वैसे लगभग हर जिला अस्पताल की यही बानगी है। जैसी व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएगी उसी से काम चलाना है। अब अस्पताल प्रशासन ये दलील दे रहा है कि ये वीडियो उनके संज्ञान में आई है। जांच की जा रही है कि चूक कहां हुई। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस घटना ने राजकीय मेडिकल कॉलेजके सुरक्षा की पोल पट्टी खोल कर रख दी है।








