अभाविप, मुजफ्फरपुर महानगर द्वारा लंगट सिंह महाविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता, भ्रष्टाचार एवं मूलभूत सुविधाओं के आभाव के खिलाफ किए जा रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के चौथे दिन छात्रों ने प्राचार्य के हठधर्मिता के विरुद्ध प्राचार्य कक्ष में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया गया।
इसके पहले कार्यकर्ताओं द्वारा नौ सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया था। लेकिन प्राचार्य से वार्ता बेनतीजा होने का बाद कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे लेकिन अभी तक प्राचार्य उनकी स्थिति जानने तक नहीं आई, इसको लेकर कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्राचार्य कक्ष में तालाबंदी कर बाहर प्रदर्शन किया।

जिला अधिकारी द्वारा नियुक्त किए हैं मजिस्ट्रेट और मुजफ्फरपुर विधायक रंजन कुमार के साथ प्राचार्य और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सोमवार को लगभग ढाई घंटे के वार्ता के बावजूद वार्ता में सभी बिंदुओं पर सहमति बनी लेकिन प्राचार्य ने लिखित अधिसूचना निकालने से मना कर दिया। इधर आंदोलनकारी छात्रों की मांग है कि बिना लिखित अधिसूचना के हमलोग अपना भूख हड़ताल नहीं तोड़ेंगे।
महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष निखिल कुमार और महानगर मंत्री अभिनव राज ने कहा कि चार दिन से भूखे हमारे कार्यकर्ता का हाल चाल जानना भी प्राचार्य ने उचित नहीं समझा है। यहां की प्राचार्य भी एक मां हैं लेकिन उनका ममत्व खत्म हो चुका हैं। साथ ही कहा कि हमलोग की लड़ाई चेयरपर्सन से है ना कि किसी व्यक्ति विशेष से लेकिन प्राचार्य इसको व्यक्तिगत लड़ाई बना कर समाज की दिखाना चाह रहीं हैं कि वो राजनीतिक परिवार से है। हमलोग का स्पष्ट कहना हैं कि हमारी मांग छात्र हित में हैं जो एक प्राचार्य को समझने की आवश्यकता हैं।








