मुजफ्फरपुर के गल्ला व्यवसाई कन्हैया लाल सलामपुरिया के घर जो हुआ, उससे पूरा इलाका स्तब्ध और उदास है। हर आंख में पानी और आंसुओं की ऐसी धारा जैसे रेगिस्तान में अभी अभी जम के बारिश हुई हो। और जुबान पर एक ही बात…एक मां की ममता आज सिद्ध हो गई। जब दोनों की अर्थी एक साथ उठी।
व्यवसाई कन्हैया लाल सलामपुरिया के छोटे बेटे 54 वर्षीय अनिल कुमार ने सुबह सुबह सीने में दर्द की शिकायत की। अभी परिजन उन्हें हॉस्पिटल ले कर जाने को तैयार हो ही रहे थे, कि अचानक ही वो मूर्छित हो कर जमीन पर गिर गए। दिल ने काम करना बंद कर दिया था। हार्ट अटैक से उनकी मौत हो चुकी थी। इधर बेटे के दिल ने काम करना बंद किया उधर मां को खटका आया। पर उनसे छुपाया गया। परिजनों ने अनिल कुमार का अंतिम संस्कार सिकंदरपुर स्थित मुक्तिधाम में किया।

शोकाकुल परिवार अंतिम संस्कार के बाद घर लौटा, और अनिल के मौत की खबर जैस ही मां को मिली, ममता ने इतना तेज वेग से हुंकार मारा कि बस.. मां भी वही जमीन पर निढाल हो गई और जमीन की ही हो गई और फिर उठ न पाई। अनिल की मां और कन्हैयालाल की 78 वर्षीय पत्नी विमला देवी ने भी वहीं दम तोड़ दिया। परिवार पर दुख का ऐसा पहाड़ टूटा कि पूरा इलाका स्तब्ध और शोक में डूबा दिखा। आंसुओं की धारा बह रही थी और लोगों की जुबान पर बस एक ही बात..ममता बहुतों देखी, ऐसी नहीं देखी

सबसे ज्यादा दुखी कन्हैया लाल सलामपुरिया दिखे और लाजिमी भी था कि उन्होंने पत्नी और पुत्र एक साथ खोया। उन्होंने दुखी मन से बताया कि हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा आज हमें मिला है। एक ही दिन में बेटे और पत्नी दोनों का चले जाना बेहद दुखद है। मेरा तो जैसे संसार ही उजड़ गया।
स्थानीय लोग और व्यापारी समाज के सदस्य बड़ी संख्या में परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।पूरा मोहल्ला गमगीन माहौल में है और लोग इस दोहरी क्षति को भगवान की मर्जी बताते हुए परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं।








