हाजीपुर स्टेशन से 1 साल के बच्चे की चोरी हो जाती है। और जब कहानी परत दर परत दर खुलना शुरू होता है तो कानून के हाथ एक ऐसे व्यक्ति के पास पहुंचता है जिसे धरती पर दूसरे भगवान का दर्जा दिया जाता है।बस उसकी किस्मत अच्छी थी कि गिरफ्तारी की भनक लगते ही वो फरार हो जाता है।
घटना बिहार के हाजीपुर जंक्शन की है जहां 03 अक्टूबर 2025 को माता-पिता के साथ सो रहे बच्चे की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। रेल एसपी के अनुसार बच्चे को 3.5 लाख रुपये में बेचा गया था। इस मामले में पुलिस ने महिला समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड डॉक्टर अभी फरार है

बच्चे की चोरी की खबर पुलिस को मिली तो उन्होंने हाजीपुर जंक्शन के सीसीटीवी को खंगालना शुरू किया। इसमें दो लोग एक पुरुष और एक महिला बच्चे को ले जाते हुए देखे गए, लेकिन पहचान नहीं हो पाई। लेकिन इसमें एक क्लू मिला क्यूंकि चोरी के दौरान महिला को फोन पर बात करते सीसीटीवी में देखा गया था। फिर डंप टॉवर को खंगाला गया जिसमें सस्पेक्टेड मोबाइल नबर मिला और वहां से इनका पहला सुराग मिला जिसमें इनकी पहचान विदुपुर के अर्जुन कुमार के रूप में हुई। अर्जुन से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने वैशाली के चकनौर के किरण देवी और विदुपुर थाना के रहीमापुर गांव के सोनू कुमार का नाम लिया।
इसके बाद पुलिस ने सोनू कुमार को खोज निकाला। जब पुलिस ने अपने तरीके से पूछताछ की तो उसने घटना की पूरी कहानी खोल दी। सोनू के अनुसार बच्चा चोरी के लिए उसे डॉक्टर अविनाश जो कि समस्तीपुर का रहने वाला है और मुन्नी देवी नर्स जो कि विदुपुर के चकसाहो की रहनेवाली है के द्वारा कहा गया था।
मुन्नी देवी ने पुलिस को बताया कि इसके गांव के रहने वाले अनिल कुमार शाह और गुड़िया देवी जो पटोरी थाना के चक्साहो के रहने वाले है, इनकी कोई संतान नहीं थी। संतान की चाहत में इन्होंने मुझ से संपर्क किया था। मुन्नी देवी ने इन्हें डॉक्टर अविनाश से मुलाकात करवाई। इस मुलाकात में 3.50 लाख में सौदा तय हुआ। जिसमें से 1.30 लाख रुपए सोनू कुमार को मिला था और 1.20 अर्जुन कुमार को दिया गया था और ये सारा पैसे अनिल कुमार के द्वारा UPI के माध्यम से इनके खातों में ट्रांसफर किया गया था। डॉक्टर अविनाश को 1 लाख रुपए बच्चा देने के लिए दिया गया था।
आखिरकार बच्चा अनिल कुमार के पास से सकुशल बरामद कर लिया। इस तरह से पुलिस इस घटना का पूरा उद्भेदन कर दिया है। इस मामले में अनिल कुमार और उसकी पत्नी गुड़िया कुमारी को भी गिरफ्तार किया गया है। बच्चे को उसके माता पिता को हैंडओवर कर दिया गया है। डॉ अविनाश फरार है जिसके लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।








