मुजफ्फरपुर के कांटी के वार्ड 6 में एक स्कूल डीपी गुप्ता राधिका देवी प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय है। यहां नए प्रधानाध्यक का पदस्थापन हो गया लेकिन विद्यालय अभी भी पुराने हेडमास्टर ही चला रहे हैं। नए हेडमास्टर साहब को विद्यालय के लिए विभागीय स्तर पर कुछ भी करना होता है तो उन्हें पूर्व के प्रधानाध्यापक से संपर्क करना होता है। क्यूंकि ई- शिक्षा कोष पोर्टल पर अभी भी पूर्व हेडमास्टर का मोबाइल नंबर पंजीकृत है और उनके ही मोबाइल पर ओटीपी आता है।
दरअसल विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति विभाग को अवगत कराना होता है। साथ ही विद्यालय में नए शिक्षकों के योगदान और फंड के व्यय से संबंधित निर्णयों को भी विभागीय स्तर पर बताना होता है। ये सारा कार्य ऑनलाइन ई- शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से करना होता है।
यह सारी जानकारी विभाग तक पहुंचाने के लिए कांटी स्थित डीपी गुप्ता राधिका देवी प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय के वर्तमान प्रधानाध्यापक निरंजन प्रसाद यादव को पूर्व प्रधानाध्यापक दयानंद चौधरी से संपर्क करना होता है, जोकि अब सेवानिवृत हो चुके हैं। इसके पीछे की वजह यह हैं कि ई- शिक्षा कोष पोर्टल पर अभी भी दयानंद चौधरी का ही मोबाइल नंबर अंकित है एवं उनके ही मोबाइल पर ओटीपी आता है। यह बहुत बड़ा विभागीय चूक है और इससे स्कूल और विभाग दोनों की गोपनीयता भंग हो रही है।
वहीं इस मुद्दे को लेकर मुज़फ़्फ़रपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा से संपर्क कर उनके सामने इस बात को रखा गया तो उन्होंने कहा कि यह मामला संज्ञान में आया है और प्रधानाध्यापक से भी बात हुई है। इसकी भौतिक जांच कराई जा रही है एवं विधि सम्मत अग्रेतर कारवाई त्वरित की जाएगी। शिक्षक अमित कुमार हरि सिंह उच्च विद्यालय, काँटी के अनुसार जिले में कुछ विद्यालय ऐसे हैं जिनमे शिक्षक, शिक्षिकाओं से लेकर विद्यालय का कई तरह का डाटा अभी तक अपडेट नहीं हुआ है।










