जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों में पाई गई अनियमितताओं, लापरवाही और अवैध गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए बागमती प्रमंडल, रुन्नीसैदपुर के निम्न वर्गीय लिपिक जितेंद्र प्रसाद कुशवाहा, रणधीर लाल और श्वेता वशिष्ठ के विरुद्ध गंभीर लापरवाही, आदेश उल्लंघन और अवैध राशि मांगने की शिकायतें प्रमाणित होने के बाद उनके निलंबन और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को सूचित किया गया कि अर्जित भूमि के मुआवजा भुगतान के दौरान भू-स्वामियों से जितेंद्र कुशवाहा द्वारा अवैध राशि मांगी जा रही है। इसकी शिकायत पर शिवहर से सीतामढ़ी स्थानांतरण के बाद भी कुशवाहा ने पुनर्वास से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख उच्च अधिकारियों द्वारा कई बार मांगने के बावजूद नहीं सौंपे। यह उच्च अधिकारी के आदेश के उल्लंघन के साथ साथ सरकारी सेवक आचार नियमावली के विपरीत आचरण माना गया।
इसी क्रम में नगर परिषद साहेबगंज के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी श्री रंधीर लाल के विरुद्ध भी कड़े कदम उठाए गए हैं। जेम पोर्टल के माध्यम से स्ट्रीट लाइट, रिफ्यूज कंपैक्टर, हाई मास्ट लाइट टावर एवं सीसीटीवी कैमरों की खरीद में घोर अनियमितता एवं सरकारी राशि के गबन करने की शिकायत जिलाधिकारी को मिली ।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता लोक शिकायत निवारण, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और जिला भविष्य निधि पदाधिकारी की त्रिसदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई। जिसमें जांच टीम ने श्री रंधीर लाल को वित्तीय अनियमितताओं का दोषी पाया। इसके बाद जिलाधिकारी ने नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव को आवश्यक कार्रवाई करने की अनुशंसा भेजी है।
जिला नियोजन पदाधिकारी मुजफ्फरपुर श्रीमती श्वेता वशिष्ठ के विरुद्ध भी कार्यालय संचालन में लापरवाही और अनुशासनहीनता की शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है।
अपर समाहर्ता राजस्व द्वारा 2 दिसंबर को पूर्वाह्न 10:40 बजे कार्यालय निरीक्षण के दौरान वे कार्यालय से अनुपस्थित पाई गईं। इससे पहले 21 नवंबर को भी एक महत्वपूर्ण पारिवाद मामले की सुनवाई के समय वे अनुपस्थित थीं, जिस पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। बार-बार मनमानी अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है तथा पूछा है कि क्यों नहीं आपके विरुद्ध निलंबन एवं अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की जाए।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट कहा है कि
“सभी अधिकारी एवं कर्मी सरकारी दिशा-निर्देश और मानकों के अनुरूप पूर्ण जवाबदेही से कार्य करें। लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”








