राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर पूरे बिहार के विद्यालयों और महाविद्यालयों में भव्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। ऐसा उत्साह और उत्सव का माहौल जिसमें सब देशभक्ति के रंग में सराबोर दिखे। जिसे देख कर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि देश फिर से किसी क्रांति के लिए खुद को तैयार कर रहा हो।
शुक्रवार को लंगट सिंह कॉलेज में एक भव्य सामूहिक गान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक, छात्र और कर्मचारी सम्मिलित हुए। प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय चेतना, एकता और समर्पण की अमर भावना का प्रतीक है। यह वह महामंत्र है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों भारतीयों को एकजुट किया और उन्हें मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की प्रेरणा दी।
प्रो. कनुप्रिया ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सफल और भव्य आयोजन के लिए कॉलेज के एनसीसी, एनएसएस और संगीत विभाग के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह गौरवशाली आयोजन हमारे छात्रों और विभागों के समन्वय और राष्ट्र के प्रति उनके गहरे समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सभी संस्थानों में हो रहा यह आयोजन राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी में राष्ट्रवाद और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करने का एक सफल और प्रेरणादायक प्रयास है।
एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ शशिकांत पाण्डेय ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि यह गीत हमारी संस्कृति, शौर्य और त्याग की गाथा है। धन्यवाद ज्ञापन एनसीसी पदाधिकारी डॉ राजीव कुमार ने किया। मौके पर प्रो. एसआर चतुर्वेदी, प्रो. जयकांत सिंह, प्रो पुष्पा कुमारी, प्रो. विजय कुमार, प्रो. एनएन मिश्रा, डॉ ऋतुराज कुमार, डॉ रीमा कुमारी, डॉ राजेश्वर कुमार, डॉ राजेश अनुपम, डॉ रविभूषण सिंह, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ आनंद कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।








