
कभी आपने सुना है कि पुलिस वालों को कंबल बेचने की जरूरत पड़ी हो। लेकिन ऐसा हुआ है। पुलिसवालों ने ये कंबल अपना जीवनयापन चलाने के लिए नहीं बल्कि लूटकांड की घटना का पर्दाफाश करने के लिए बेचा। क्यूंकि लूटकांड को अंजाम देने के लिए लुटेरों ने नकली पुलिस का रूप धर घटना को अंजाम दिया था।
घटना 12 नवंबर की है जहां मध्यप्रदेश के खंडवा के पदम नगर थाना अंतर्गत पड़ावा क्षेत्र में शहर के बीचो-बीच व्यापारी हसमत गुरबाणी की दुकान पर 3 युवक पुलिस अफसर बनकर कपड़े खरीदने आए। जहां खरीदारी के दौरान ही ये तीनों पुलिसवाले अपनी वास्तविक रूप में आकर दुकान में लूटपाट कर भाग जाते हैं। इसके पश्चात कपड़ा व्यवसाई द्वारा पुलिस के पास प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है। पुलिस ने छानबीन शुरू किया तो शुरुआत के दिनों में पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली।
एसपी मनोज राय के मुताबिक 500 सीसीटीवी की तस्वीरें खंगाली गई। तब इनका सुराग मिला। इनके खोजबीन के लिए खंडवा और आसपास के कई जिलों में छापेमारी की गई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अंततः पुलिस को अपने मुखबिरों से कुछ गोपनीय सूचना प्राप्त हुई तो पुलिस ने भेष बदल कर बाजार में कंबल बेचना शुरू किया और आरोपियों के बारे में सूचनाएं इक्कठी करनी शुरू की। आखिर दो दिनों की अथक प्रयास के बाद पुलिस को सफलता प्राप्त हुई और दो आरोपियों अयान और कासिम को पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की। तीसरे की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आरोपियों के पकड़ में आने के बाद गणेश गुरबाणी ने पुलिस प्रशासन को धन्यवाद दिया है साथ ही पुलिस को 51 हजार रुपए का इनाम के तौर पर देने की घोषणा की है। पुलिस की छानबीन के मुताबिक इन आरोपियों पर मध्यप्रदेश के कई थानों में केस दर्ज है और अब उनसे सारे केस के बारे में पूछताछ की जाएगी।









