अस्पताल ने यह कह कर शव थमाया कि शव पर दवाइयां लगी है, पैकेट नहीं खोलना है लेकिन जब अंतिम संस्कार के लिए शव के चेहरे से कफ़न हटाया गया तो पुरुष की जगह महिला का शव निकला। बेटी की जिद्द ने पूरे परिजनों की नजर में सच को सामने ला दिया।
आए दिन अस्पतालों की इस तरह की हरकत की खबरें आती रहती हैं। कभी शव को पैसे के लिए बंधक बना लिया जाता है तो कभी बच्चे बदल देना। यहां तो अस्पताल ने शव को ही बदल दिया।
घटना पंजाब के लुधियाना की है जहां 5 दिन पहले जोगिंदर सिंह को तबियत खराब होने पर लुधियाना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। काफी इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृत्यु होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। साथ में हिदायत भी दी गई कि शव पर दवा लगा है इसलिए पैकेट नहीं खोलिएगा।
परिवार जब अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा था, तब मृतक की बेटी ने अपने पिता की अंतिम दर्शन करने की जिद्द की। बेटी की जिद्द पर जैसे ही रिश्तेदारों ने चेहरे से कफ़न हटाया तो सबके होश उड़ गए। सामने एक महिला का शव था। पूरे परिवार में मातम की जगह अफरातफरी मच गई। इसके बाद परिवार के लोग अस्पताल जा कर शिकायत दर्ज की।
असल में हुआ ये था कि अस्पताल में उस दिन 2 जोगिंदर की मौत हुई थी। एक जोगिंदर सिंह की और एक जोगिंदर कौर की। अस्पताल प्रशासन की गलती से शव की अदला-बदली हो गई थी। जिस घर की महिला की मौत हुई थी वो भी शिकायत लेकर तब अस्पताल पहुंचा था। वहां इस बात का खुलासा हुआ कि नाम की वजह से गलतफहमी हो गई थी।
दोनों परिवारों ने इस घटना के बाद पुलिस में अस्पताल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। मृतकों के परिजनों ने कहा कि अस्पताल की ये बहुत बड़ी लापरवाही के साथ साथ भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी है।








