“हम शपथ लेते हैं कि हम सभी शराब और नशीली पदार्थों के दुरूपयोग की रोकथाम में सहयोग करेंगे। हम यह वचन देते हैं कि किसी भी प्रयोजन के लिए किसी भी प्रकार से हानिकारक अथवा अवैध पदार्थों के सेवन नहीं करेंगे और अन्य को भी समझाने का हर संभव प्रयास करेंगे” नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर 26 नवंबर को जीविका दीदियों ने यह शपथ लिया।
मुजफ्फरपुर जिले के सभी प्रखंडों में जीविका से सम्बद्ध सभी सामुदायिक संगठनो में जीविका दीदियों ने नशामुक्ति दिवस मनाया। राज्य सरकार के निर्देश पर प्रति वर्ष 26 नवंबर को नशा मुक्ति दिवस मनाया जाता है। जीविका दीदियों के आग्रह पर ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में पूर्ण शराबबंदी की घोषणा की थी।
नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर शपथ के साथ ही कई प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम जीविका से संबद्ध सामुदायिक संगठनो द्वारा आयोजित किये गए। जिसमे सुबह में जीविका दीदियों ने प्रभात फेरी निकाली और ग्रामीणों से नशा नहीं करने की अपील की। इसके बाद जीविका दीदियों ने बैठक कर गाँव-समाज को नशा मुक्त बनाने हेतु शपथ लिया। बैठक में जीविका दीदियों ने शराब के सेवन एवम विक्री के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए संकल्प लिया गया।
बैठक के बाद रैली के माध्यम से “जीविका दीदी की यही पुकार, नशा मुक्त हो अपना बिहार, शराब का जो हुआ शिकार, उजड़ा उसका घर परिवार और नशा छोड़ेगा बिहार, तभी बनेगा सुखी समृद्ध बिहार” जैसे नारों के साथ लोगों से शराब मुक्त बिहार बनाने की अपील की। नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर जीविका दीदियों ने नशा मुक्ति अभियान से सम्बंधित स्लोगन की मेहँदी भी अपने हथेलियों पर लगवाई।
इसके साथ ही जीविका दीदियों ने मध् निषेध अभियान से संबंधित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संबोधन सुना। नशा मुक्ति दिवस का आयोजित सभी 66 संकुल स्तरीय संघ में आयोजित किया गया। यहां नशा मुक्ति अभियान के तहत जीविका दीदियों ने उन महिलाओं को आमंत्रित किया जिन्होंने देशी शराब निर्माण एवं ताड़ी उत्पादन एवं बिक्री को छोड़कर जीविकोपार्जन योजना से लाभान्वित होते हुए समाज में मान-सम्मान के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं। सामुदायिक संगठनो की बैठक में महिलाओं ने सभी को बिहार में पूर्ण शराबबंदी के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रमों के आयोजन में कैडर और जीविका कर्मियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।








