भारत की 5 संस्थाएं कभी छुट्टी पर नहीं रहती। रेलवे, अस्पताल, पुलिस, पत्रकारिता और टेलीफोन एक्सचेंज ये 24 घंटे और 7 दिन के मोड पर काम करता है। इसमें रविवार नहीं होता। लेकिन रेलवे का एक ऐसा भी स्टेशन है जहां रविवार छुट्टी का दिन होता है।
भारत का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर रेलवे के नाम है। जहां प्रत्येक दिन 15000 से अधिक ट्रेन दौड़ती हैं और पूरे भारत और भारत से सटे अन्य देश से संपर्क का सबसे बड़ा आवागमन का साधन भी है। लेकिन भारत का एकमात्र ऐसा भी स्टेशन है जिसका कोई नाम नहीं है। और रविवार को यहां कोई ट्रेन भी नहीं आती। क्यूंकि रविवार इस स्टेशन के लिए छुट्टी का दिन होता है।
चौंकिए नहीं, यही सच है। यह स्टेशन बर्धमान से लगभग 35 किमी दूर है। और यहां एकमात्र ट्रेन बांकुड़ा-मासाग्राम पैसेंजर ट्रेन यहाँ रुकती है। पश्चिम बंगाल के बर्धमान के पास रैनागर के नाम से वह स्टेशन है। यह नाम सिर्फ टिकट पर छपा मिलेगा स्टेशन पर दूर दूर तक ढूंढने पर भी यह नाम नहीं मिलेगा। यह बांकुड़ा और मासाग्राम के बीच के यात्रियों का आवश्यक पड़ाव है।
दरअसल रेलवे ने पहले इस स्टेशन का नाम रैनागर रखा था। लेकिन दो गांवों के बीच स्टेशन के नाम को लेकर विवाद हो गया और मामला कोर्ट में चला गया, जिसके बाद यह स्टेशन बेनामी हो गया। रैनागर आधिकारिक नाम सिर्फ बस पहचान भर के लिए रैनागर दिया गया है, हालांकि यह स्टेशन कई सालों से चालू है। लेकिन रविवार को छुट्टी रहती है क्योंकि इसके स्टेशन मास्टर टिकट खरीदने के लिए वर्धमान स्टेशन आते हैं।










