बिहार बजट: नई योजनाओं के साथ नीतीश सरकार, गरीब बिहार को दे रहे विकास की रफ्तार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मंगलवार को बिहार की नीतीश सरकार द्वारा 2026-27 के लिए पूर्ण बजट पेश किया गया। यह बजट कुल 3 लाख 47 हजार करोड़ का है जो पिछले बार से लगभग 30 हजार करोड़ ज्यादा का है। इस बजट में सबसे ज्यादा पैसा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है।

बहरहाल बजट की विशेषताएं आपको बताए उसके पहले मंगलवार को विधानसभा में हुए कार्यवाही को थोड़े शब्दों में समझ लेते हैं। जेल में बंद मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने विधानसभा की सदस्यता की शपथ ली। काराकाट से सीपीआई माले के विधायक अरुण सिंह ने पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल और परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल में रेप और हत्या जैसी घटना पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। सदन शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने कानून व्यवस्था को लेकर विधानसभा के बाहर तख्ती लेकर प्रदर्शन किया।

इन सब के बाद वित्त मंत्री बिजेंद्र कुमार यादव ने 2026-27 के लिए बजट पेश किया। इस बार बजट “संपन्न बिहार-समृद्ध बिहार” की थीम पर था। बिहार के इस बजट में विकास कार्यों और पूंजीगत खर्च पर खास जोर दिया गया है।

बिहार बजट में शिक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए ₹68,216 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का लगभग 20 फीसदी है। इस बजट से स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक नियुक्ति, आधुनिक डिजिटल शिक्षा को बेहतर किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे बिहार के युवाओं को बेहतर भविष्य मिल पाएगा।

इसके बाद 63,455.84 करोड़ रुपए यानी लगभग 18 प्रतिशत के साथ राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है। इस राशि से सड़क और पुल निर्माण, सिंचाई परियोजनाएं, सरकारी भवन, बिजली व्यवस्था और जल आपूर्ति से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ विकास को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

कहा जात है कि आम आदमी का सबसे ज्यादा पैसा भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च होता है। लेकिन बिहार के बजट में स्वास्थ्य पर सबसे कम पैसा खर्च किया जा रहा है। जिसमें मात्र 21,270 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य की लाचार स्वास्थ्य व्यवस्था इस बार भी नहीं सुधरने वाला है। वहीं ग्रामीण विकास के लिए ₹23,701 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इस राशि से गांवों में सड़क, आवास, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि गांव के जीवन स्तर को बेहतर करते हुए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास दर का अंतर कम किया जाए।

बजट में पहली बार सस्ते आवास को लेकर बड़ा संकल्प लिया गया है। शहरी और ग्रामीण गरीबों के लिए आवास योजनाओं पर खर्च बढ़ाने की बात कही गई है। सरकार का दावा है कि “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र के साथ राज्य के हर वर्ग को बजट का लाभ मिलेगा।

बिहार में पांच नए एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा की गई है। सड़क, पुल, शहरी विकास और परिवहन पर बड़े पैमाने पर खर्च होगा। इससे आवागमन के साथ साथ निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। ग्रामीण इलाकों को शहरों से जोड़ने के लिए नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। सरकार का फोकस है कि बिहार का इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक बने और उद्योगों को आकर्षित कर सके।

इस बार के बजट में सरकार ने मखाना बोर्ड की स्थापना का ऐलान किया है। इससे मखाना उत्पादकों को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और निर्यात में मदद मिलेगी। मखाना को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही किसानों के लिए सिंचाई, बीज, फसल बीमा और आधुनिक तकनीक पर खर्च बढ़ाया जाएगा। सरकार का कहना है कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

बजट में महिलाओं विशेषकर ग्रामीण महिलाओं के भी जीवन स्तर को बेहतर करने पर बल दिया गया है। सरकार ने बताया कि अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से लाभ मिला है। इसमें वैसी महिलाएं भी है जिन्हें 10000 सरकार की तरफ से उद्यमिता विकास के लिए दिया गया है। इस बजट में महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूह, छात्रवृत्ति और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर बड़ी रकम खर्च की जाएगी।

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा की सात निश्चय 3.0 के संकल्प के साथ बिहार को विकसित राज्य में लाने का लक्ष्य रखा गया है। हाट बाजार विकास को बढ़ावा, उद्योग में पचास लाख करोड़ का निजी निवेश, कृषि रोड मैप से किसानों को बढ़ावा, 5 नए एक्सप्रेसवे तथा गरीबों को आवास मतलब सबका सम्मान जीवन आसान करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। बिहार का बजट 2025 में 23000 करोड़ था जो 20 सालों मे 3 लाख 47 हजार करोड़ पर पहुंच चुका है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें