विधि का विधान ऐसा कि, मौत खींच लाई उसी माटी पर जहां जलने से हुआ था घायल

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सोमवार शाम में चतरा के जंगलों में एक प्लेन क्रैश हो गया जिसमें संजय कुमार सहित 7 लोगों की मौत हो गई। संजय कुमार ढाबा चलाते थे जिसमें आगजनी हुई और वह बुरी तरह घायल हो गए थे। बेहतर इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे जहां प्लेन क्रैश में उनकी मौत हो गई।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि विधाता ने जो विधान लिखा है उसे कोई बदल नहीं सकता। संजय कुमार चंदवा के बकोरिया में ढाबा चलते थे और पूरे परिवार के साथ चंदवा में ही रहते थे। सुख, सुविधा, सम्पन्नता से जीवन बेहतर चल रहा था। 16 फरवरी के दिन इनके ढाबे में आग लग गई जिसमें यह बुरी तरह जल गए। जिसके बाद इन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए इन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज शुरू हुआ।

लेकिन लेकिन स्थिति में सुधार होता ना देख परिवार वालों ने दिल्ली के एक अस्पताल से संपर्क किया उसके बाद 23 तारीख को शाम 4:30 बजे यह दिल्ली के अस्पताल जाने के लिए निकले। शाम 5:30 पर संजय रांची एयरपोर्ट पर थे। सारी कागजी खानापूर्ति के बाद संजय उस उड़ने वाली ताबूत रूपी एयर प्लेन में सवार हुए। शाम 7 बजकर 10 मिनट पर इस ताबूत ने रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी। इसके बाद सारा मंजर इस रिपोर्ट में देखिए।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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