भारत का नेविगेशन सैटेलाइट हुआ खराब; GPS system का सहारा लेना पड़ सकता है भारी

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भारत के चार नेविगेशन सिस्टम अंतरिक्ष में घूम रहे हैं जिसमें से एक खराब हो चुका है। उसके आत्मिक क्लॉक ने काम करना बंद कर दिया है। इसके कारण GPS System आंशिक रूप से काम करना बंद कर देगा। जिससे भाड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

भारत का सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम NavIC इस भाड़ी दिक्कत का सामना कर रहा है। देश को कम से कम 4 नेवीगेशन सिस्टम की जरूरत पड़ती है। लेकिन इसमें से एक सैटेलाइट अपनी उम्र 10 मार्च को ही पूरी कर चुका है इसके साथ ही उसका एटमिक क्लॉक भी खराब हो चुका है। आपको एक बात यहां बता दें कि यह एटमिक क्लॉक जो खुद ही प्राकृतिक वाइब्रेशन को मापने का काम करती है और यही हमें निश्चित दूरी भी बताती है। एक तरीके से कह सकते है कि यह एटमिक क्लॉक  ही किसी सेटेलाइट की धड़कन कही जाती है।

इसरो की तरफ से जो जानकारी साझा की गई है उसके अनुसार IRNAS-1F सेटेलाइट ने उम्र पूरी की है उसको मार्च 2016 मे लॉन्च किया गया था। उसकी मियाद 10 वर्ष निर्धारित थी जो उसने पूरी कर ली है। इसके बाद वह निष्क्रिय हो गया है। इसके बावजूद यह ऑर्बिट में रहकर सिग्नल या जानकारी देता रहेगा। लेकिन यह जानकारी एकतरफा होगी क्योंकि इसरो से इसका संपर्क टूट चुका है जिसके कारण यह सैटेलाइट को नेविगेट नहीं कर पाएंगे।

भारत के 3 नेविगेशन सेटेलाइट अभी काम कर रहे हैं। इसमें पहला नेविगेशन सेटेलाइट IRNSS-1B जो साल 2014 के अप्रैल में छोड़ा गया था जो अब तक काम कर रहा है। वहीं IRNSS-1L अप्रैल 2018 में छोड़ा गया था और तीसरा नेविगेशन सेटेलाइट मई 2023 में प्रक्षेपित किया गया था।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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