विशेष रिपोर्ट
दिल्ली से लेकर देश के कई हिस्सों में परीक्षा में NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन और प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच मुजफ्फरपुर में 23 जुलाई को भी विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमें समाहरणालय परिसर एवं अन्य स्थानों पर हुए प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का मामला सामने आया है। अब मुजफ्फरपुर पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, घटना में शामिल संदिग्धों की पहचान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर की जा रही है। पुलिस ने संदिग्धों की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं।
पहचान बताइए, ₹10 हजार इनाम पाइए
मुजफ्फरपुर पुलिस ने घोषणा की है कि प्रकाशित तस्वीरों में शामिल किसी भी उपद्रवी की पहचान बताने वाले व्यक्ति को ₹10,000 का पुरस्कार दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सरकारी संपत्ति का नुकसान पड़ेगा भारी
पुलिस ने साफ किया है कि जिन लोगों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया है, उनसे नियमानुसार हर्जाने की राशि भी वसूली जाएगी। इसके साथ ही संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
देशभर के आंदोलनों के बीच सख्ती हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में कई विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। ऐसे समय में मुजफ्फरपुर पुलिस का यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से लागू होगा।
हालांकि, पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में किसी राजनीतिक दल, संगठन या आंदोलन का नाम नहीं लिया गया है। इसलिए इस घटना को किसी विशेष दल या संगठन से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। पुलिस का फोकस केवल कानून तोड़ने वाले व्यक्तियों की पहचान और कार्रवाई पर है।









