बिहार में शनिवार को स्कूलों में मिली आधी छुट्टी, अब उर्दू स्कूल के शिक्षकों ने सरकार से की मांग “गुरुवार को भी करो आधे दिन”

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हाफ डे के नए आदेश के बाद उर्दू विद्यालयों के लिए भी गुरुवार दोपहर 1 बजे तक कक्षाएं चलाने की उठी मांग

बिहार सरकार द्वारा शनिवार को हाफ डे स्कूल का आदेश जारी होने के बाद अब उर्दू विद्यालयों के लिए गुरुवार को भी हाफ डे करने की मांग उठी है। कौमी असातिजह तंजीम ने शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर समय-सारिणी में संशोधन की मांग की है।

Muzaffarpur: बिहार सरकार ने सरकारी विद्यालयों के लिए नई समय-सारिणी जारी करते हुए शनिवार को हाफ डे घोषित करते ही एक नया बवाल खड़ा हो गया है। अब सोमवार से शुक्रवार तक स्कूल सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेंगे, जबकि शनिवार को कक्षाएं दोपहर 1:00 बजे तक ही संचालित होंगी। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए शनिवार को पढ़ाई दोपहर 12 बजे तक होगी और मध्याह्न भोजन के बाद छुट्टी दे दी जाएगी।

सरकार का यह फैसला आते ही अब एक नई मांग भी सामने आ गई है। कौमी असातिजह तंजीम, बिहार ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि जिस तरह सामान्य विद्यालयों के लिए शनिवार को हाफ डे किया गया है, उसी तरह उर्दू विद्यालयों में गुरुवार को भी दोपहर 1 बजे तक ही पठन-पाठन निर्धारित किया जाए।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मो. रफी ने शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि उर्दू विद्यालयों में शुक्रवार साप्ताहिक अवकाश रहता है। पहले की व्यवस्था के अनुसार गुरुवार को विद्यालय हाफ डे हीं संचालित होते थे। ऐसे में नई समय-सारिणी में गुरुवार के लिए अलग व्यवस्था नहीं किए जाने से उर्दू विद्यालयों के शिक्षकों और छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में विद्यालयों के संचालन समय को लेकर आश्वासन दिया था, जिसके बाद शनिवार को हाफ डे का आदेश जारी हुआ। संगठन का कहना है कि उसी तर्क के आधार पर उर्दू विद्यालयों के लिए गुरुवार को भी हाफ डे घोषित किया जाना चाहिए।

कुल मिलाकर शिक्षा विभाग का नया टाइम-टेबल अभी पूरी तरह “सेटल” भी नहीं हुआ था कि एक नया सवाल दस्तक देने लगा। फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से इस मांग पर कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शनिवार की राहत के बाद क्या गुरुवार की बारी भी आएगी? उर्दू विद्यालय के शिक्षकों की इस मांग पर अब सरकार का क्या रुख होगा यह तो आने वाले समय में पता चलेगा। लेकिन एक बात कह सकते हैं कि मामला अब पेचीदा होने के साथ साथ दिलचस्प भी हो चला है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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