
देवघर/झारखंड: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने देवघर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इंडिया गठबंधन और राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी दलों पर वंशवाद की राजनीति करने और देश में अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया। साथ ही झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा।
विपक्ष पर वंशवाद की राजनीति करने का आरोप
पत्रकारों से बातचीत में रघुवर दास ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन में शामिल विपक्षी दल वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सारे विपक्षी दल देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि भाजपा इस तरह की कोशिशों को सफल नहीं होने देगी।
अराजकता के खिलाफ बीजेपी करेगी पदयात्रा
रघुवर दास ने बताया कि झारखंड में 5 नवंबर से सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से पदयात्रा की शुरुआत की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से अराजकता के खिलाफ पदयात्रा की शुरुआत 5 नवंबर से दुमका में होगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान देश के विभिन्न राज्यों और जिलों तक पहुंचेगा।



झारखंड में महिलाएं और बेटियां असुरक्षित
पूर्व मुख्यमंत्री ने गम्हरिया थाने में हुई घटना और सुंदरपहाड़ी मामले को लेकर राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में महिलाएं और बेटियां थानों तक में सुरक्षित नहीं हैं। उनके अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है।
पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल
रघुवर दास ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कथित तौर पर सिंडिकेट के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था का ध्यान गिट्टी, बालू और जंगल-जमीन से जुड़े मामलों में कथित वसूली पर केंद्रित हो गया है। ऐसे हालात में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना मुश्किल है।
राज्य में कानून व्यवस्था लचर
उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रघुवर दास ने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में महिलाएं शाम सात बजे के बाद घर से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था की स्थिति पर जवाब देने की मांग की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग
राज्य की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला करते हुए रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को राज्य की बिगड़ती स्थिति की चिंता है, तो उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान रघुवर दास ने विपक्ष की राजनीति से लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उनके बयानों से झारखंड की सियासत में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना हैं।










