

मुजफ्फरपुर में PNG गैस पाइपलाइन में भीषण विस्फोट, 3-4 लोगों की मौत की आशंका; 10-12 घायल
मुजफ्फरपुर | विशेष रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर के डुमरी रोड स्थित गोबरसही के निकट श्रीनगर मोहल्ले की गली के मुहाने पर सोमवार को लगभग 12:30 बजे के PNG गैस पाइपलाइन में भीषण विस्फोट हो गया। नाला निर्माण के दौरान जेसीबी की टक्कर से गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। पहले गैस का रिसाव शुरू हुआ और स्थानीय लोगों के अनुसार करीब एक घंटे बाद जोरदार धमाका हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में 3 से 4 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि 10 से 12 लोगों के घायल होने की सूचना है। हालांकि, मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि संबंधित प्रशासन की ओर से किया जाना बाकी है।
पहले दी गई थी गैस पाइपलाइन की चेतावनी



स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण शुरू होने से पहले ही संबंधित कर्मियों को इस स्थान से PNG गैस पाइपलाइन गुजरने की जानकारी दी गई थी। सुरक्षा को लेकर चेतावनी मिलने के बाद एक दिन पहले काम भी रुकवाया गया था। इसके बाद गैस कंपनी के कर्मियों को मौके पर बुलाया गया।
बताया जाता है कि कंपनी के कर्मियों ने निरीक्षण के बाद अगले दिन छोटी जेसीबी से काम कराने की बात कही थी। सोमवार सुबह दोबारा निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन इसी दौरान जेसीबी की टक्कर गैस पाइपलाइन से हो गई और गैस का रिसाव शुरू हो गया।

गैस रिसाव के बाद भी नहीं टला बड़ा खतरा
स्थानीय लोगों का दावा है कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद लगातार गैस का रिसाव हो रहा था। लोगों ने कई बार स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को फोन कर सूचना देने की कोशिश की। इसके बावजूद समय रहते अग्निशमन विभाग की गाड़ी और आपातकालीन बचाव दल मौके पर नहीं पहुंच सके।
लोगों का आरोप है कि गैस रिसाव के दौरान सप्लाई बंद कराने और इलाके को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। इसी बीच जोरदार विस्फोट हो गया। अब इस पूरे घटनाक्रम में गैस आपूर्ति बंद करने में हुई देरी और सुरक्षा प्रबंधन की भूमिका जांच का विषय बन गई है।
धमाके से मकानों में दरारें, घरों में लगी आग
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दो से तीन मकान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कुछ घरों की दीवारों में बड़ी दरारें आ गई हैं, जबकि एक मकान का बरामदा टूटकर नीचे गिर गया।
धमाके के बाद एक घर में आग लगने की भी सूचना है। मकानों के शीशे टूटकर दूर तक बिखर गए। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि क्षतिग्रस्त मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए अब वहां रहना भी सुरक्षित नहीं है।

सड़क पर खड़ी गाड़ियां और बाइक भी हुईं तबाह
विस्फोट की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आसपास खड़े कई वाहन इसकी चपेट में आ गए। एक थार गाड़ी को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई बाइक और स्कूटी भी धमाके के कारण क्षतिग्रस्त हो गईं। मकानों और वाहनों को हुए नुकसान से स्थानीय परिवारों को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति होने की बात सामने आई है।

स्थानीय लोगों ने खुद घायलों को पहुंचाया अस्पताल
स्थानीय लोगों के अनुसार, विस्फोट के बाद शुरुआती समय में एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद लोगों ने खुद राहत और बचाव की जिम्मेदारी संभाली तथा घायलों को अपने स्तर से अस्पताल पहुंचाया।
घटना के बाद सबसे पहले गोबरसही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के साथ गैस रिसाव को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की गई।
सुरेश शर्मा और विधायक रंजन कुमार ने लिया जायजा
घटना के बाद स्थानीय नेतागण में सबसे पहले पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद करीब 14:15 बजे के आसपास स्थानीय विधायक रंजन कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर हादसे के कारणों और नुकसान की जानकारी ली।
विधायक के पहुंचने के बाद प्रशासन की तरफ से सबसे पहले पुलिस अधीक्षक (City SP) मोहम्मद मोहीबुल्लाह अंसारी घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद कांटी विधायक अजीत कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दिन के 2:30 बजे तक न तो SSP कांतेश कुमार मिश्रा (IPS) मौजूद थे और न जिलाधिकारी कुमार गौरव
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने नाला निर्माण के दौरान भूमिगत गैस पाइपलाइन की सुरक्षा, निर्माण एजेंसी की सतर्कता और आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक दिन पहले ही पाइपलाइन की मौजूदगी की जानकारी दे दी गई थी, तब पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए? गैस रिसाव की सूचना मिलने के बाद तत्काल आपूर्ति बंद कराने और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था क्यों नहीं हुई?

स्थानीय परिवारों ने मकानों और वाहनों को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी उठाई है। फिलहाल हादसे के वास्तविक कारण, जिम्मेदारी और नुकसान का आकलन आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।










