राजकीय मध्य विद्यालय नई बाजार में बच्चों को अभिनय, संवाद कला, मंच संचालन और व्यक्तित्व विकास का दिया गया प्रशिक्षण
मुजफ्फरपुर। शहर के राजकीय मध्य विद्यालय, नई बाजार (नगर क्षेत्र) में शनिवार, 11 जुलाई 2026 को सांस्कृतिक संस्था मगध विकास लोक, कोसुत, पटना द्वारा गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत एक दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में अभिनय कला के साथ-साथ आत्मविश्वास, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना रहा।
नाट्य कला की बारीकियों से परिचय कार्यशाला में संस्था के अनुभवी कलाकारों ने विद्यार्थियों को नाट्य कला की बारीकियों से परिचित कराया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को परिचय एवं आत्मविश्वास निर्माण, समूह में घुलना-मिलना, झिझक दूर करना, मंच पर प्रभावशाली उपस्थिति, स्वर एवं वाणी प्रशिक्षण, स्पष्ट और प्रभावी संवाद बोलने की तकनीक, अभिनय, भाव-भंगिमा, इम्प्रोवाइजेशन (तत्काल अभिनय), रचनात्मक खेल, शरीर की भाषा तथा मंच प्रस्तुति जैसी महत्वपूर्ण विधाओं का अभ्यास कराया गया।
बेहतर कलाकार और आत्मविश्वास बढ़ाना उद्देश्य नाट्य प्रशिक्षक सुनील कुमार ने बताया कि नाट्य कार्यशाला केवल अभिनय सीखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रतिभागियों को एक बेहतर कलाकार और आत्मविश्वासी व्यक्तित्व बनने की दिशा में तैयार करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का प्रशिक्षण बच्चों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, स्पष्ट अभिव्यक्ति और रचनात्मक सोच का विकास करता है। साथ ही मंच का भय भी दूर होता है, जिससे उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आता है।
कार्यशाला के दौरान बच्चों ने विभिन्न कहानियों और दृश्यों का सृजनात्मक मंचन किया तथा कठपुतली कला के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति को भी प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ गतिविधियों में भाग लिया और नाट्य कला की नई तकनीकों को सीखने का अनुभव प्राप्त किया।
विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को बच्चों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए भविष्य में भी ऐसी रचनात्मक कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।









