पटना से मुजफ्फरपुर समेत 4 शहर के बीच रैपिड रेल, लेकिन पताही एयरपोर्ट पर अभी लंबा इंतजार!

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रैपिड रेल के लिए डीपीआर को मंजूरी, लेकिन मुजफ्फरपुर की वर्षों पुरानी हवाई सेवा की मांग अब भी अधर में। विकास की रफ्तार में क्यों पीछे रह गया मुजफ्फरपुर?

बिहार में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने राजधानी पटना को मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गया से जोड़ने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के चार कॉरिडोर की डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार कराने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की।

सरकार का दावा है कि यह परियोजना बिहार में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का नया अध्याय लिखेगी। रैपिड रेल के लिए डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को सौंपी गई है, जिसने दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल परियोजना पर भी काम किया है।

रैपिड रेल के प्रस्तावित रूट:
पटना – मुजफ्फरपुर (हाजीपुर और सोनपुर होकर)
पटना – बेगूसराय
पटना – आरा
पटना – गया

सरकार इसे क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। लेकिन इसी फैसले के बीच मुजफ्फरपुर के लोगों के लिए एक सवाल फिर खड़ा हो गया है—क्या केवल रैपिड रेल ही विकास का पैमाना है?

मुजफ्फरपुर का पताही एयरपोर्ट वर्षों से राजनीतिक घोषणाओं और सरकारी आश्वासनों के बीच अटका हुआ है। जबकि राज्य के अन्य क्षेत्रों में हवाई संपर्क को लेकर प्रगति दिखाई दे रही है, मुजफ्फरपुर को अब भी इंतजार करना पड़ रहा है। उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता सूची में पहले फारबिसगंज एयरपोर्ट पर काम आगे बढ़ रहा है। ऐसे में पताही एयरपोर्ट की परियोजना को शुरू होने में अभी कम से कम दो से ढाई वर्ष या उससे अधिक समय लग सकता है।

यदि सरकारी योजनाएं निर्धारित क्रम में आगे बढ़ती हैं, तो 2028-29 के दौरान पताही एयरपोर्ट परियोजना को गति मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है। इसलिए यह केवल संभावित परिदृश्य है, न कि सरकारी पुष्टि।

यही सबसे बड़ा सवाल है कि उत्तर बिहार की आर्थिक और शैक्षणिक राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर को आज भी हवाई संपर्क के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? जब रैपिड रेल जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना आगे बढ़ सकती है, तो पताही एयरपोर्ट की फाइलें अब तक जमीन पर क्यों नहीं उतर सकीं?

मुजफ्फरपुर के लोगों को रैपिड रेल की सौगात निश्चित रूप से मिलेगी, लेकिन हवाई उड़ान का सपना अभी भी अधूरा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार पताही एयरपोर्ट को केवल चुनावी वादा बनाकर रखती है या वास्तव में उसे धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाती है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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