औराई, मुजफ्फरपुर जिले का एक प्रखंड डेमोग्राफी के हिसाब से देखने पर ये कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहां के लोगों का जीवन यापन खेती पर ही निर्भर है और स्वास्थ्य सरकारी अस्पताल के भरोसे। अब अगर अस्पताल में डॉक्टर ही न पहुंच पाए तो शिकायत तो बनता है न।
अभी हम बात कर रहे है औराई प्रखंड के धरहरवा पंचायत की, जहां के PHC (Primary Health Centre) के डॉक्टर आए दिन गायब रहते हैं। और अगर आ भी गए तो आने का समय निश्चित नहीं है। अभी कल बुधवार को एक स्थानीय की तबियत खराब हुई तो वो हॉस्पिटल गया पर उसे वहां डॉक्टर नहीं मिला। लेकिन क्यूंकि यह ग्रामीण कृषक इलाका है तो साक्षरता और जानकारी दोनों का अभाव है। उस ग्रामीण को पता ही नहीं कि यहां डॉक्टर नहीं बल्कि CHO (Community Health Officer ) आते हैं। और एक CHO के जिम्मे 2-3 PHC आते हैं, अन्य दिन PHC चलाने की जिम्मेदारी ANM (Auxiliary Nurse Midwife) के ऊपर होती है।
धरहरवा पंचायत के मुखिया प्रमोद पूर्वे ने बताया कि धरहरवा पंचायत में फिलहाल कमल नारायण CHO के तौर पर पदस्थापित हैं और इनके जिम्मे 2-3 PHC हैं कमल नारायण शुक्रवार और शनिवार के दिन धरहरवा आते हैं और बाकी के दिन संभवतः दूसरे PHC में भी जाते होंगे। मुखिया पूर्वे ने यह भी बताया कि जब CHO नहीं होते हैं तो अस्पताल की सारी जिम्मेदारी ANM संभालती हैं।
अब सवाल सरकार पर उठता है कि वो ग्रामीणों की परेशानी पर कब ध्यान देगी। समय पर ग्रामीणों को अगर स्वास्थ्य सुविधा भी न मिल पाए तो जाहिर सी बात है कि ग्रामीण परेशान होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि PHC मे डॉक्टर के न होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती है।








