NEET परीक्षा में अभ्यर्थी की जगह दूसरे व्यक्ति द्वारा परीक्षा देने के कई मामले आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा बिहार, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के मामले हैं जिसमें कई गिरफ्तारियां भी हुई है। यहां डमी कैंडिडेट को बैठाने के लिए एक मोटी रकम ली जाती थी। इसको लेकर NTA और CBI एजेंसियों की जांच तक चल रही है।
इन्हीं सब गड़बड़ियों को रोकने के लिए 2026 के NEET और JEE Main की परीक्षा मे NTA फेस बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम पूरी तरह से लागू करने जा रहा है। जिसमें फॉर्म में अभ्यर्थियों के लिए लाइव फोटो खींचने का विकल्प दिया जा रहा है यानी अभ्यार्थियों को फॉर्म भरते समय फोटो स्कैन कर अपलोड करने के बाद वेबकैम या मोबाइल से लाइव फोटो खींचकर भी अपलोड करना होगा। रियल टाइम फोटो अपलोड करने का मकसद असल अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे किसी के परीक्षा देने और अन्य अनुचित साधनों के उपयोग को रोकना है।
NTA की परीक्षा प्रोटोकॉल के तहत 2025 की NEET परीक्षा में यूआइडीएआइ ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन का परीक्षण किया गया था। यह परीक्षण करने के पीछे का उद्देश्य आधार पर आधारित फेस रिकॉगनेशन की प्रक्रिया को अपनाना किस हद तक सही है। इसकी सफलता को देखते हुए ही 2026 में होने वाली बड़ी परीक्षाओं में इसे लागू किया जा रहा है।
आपको बता दें कि NTA भारत सरकार के 15 प्रमुख परीक्षाओं का संचालन करती है। जिसमें NEET-UG, JEE Main, UGC, UGC-NET, CSIR-Net, CUET जैसी 15 परीक्षाएं आयोजित करती है।










