इस दौड़ती दुनिया में जैसे जैसे उम्र बढ़ती है, याददाश्त भी कमजोर होने लगती है। इसके कारण बड़े बुजुर्ग जो घर में अकेले रहते हैं वो समय से दवा नहीं ले पाते। बुजुर्गों के प्रति बच्चों की इन्हीं सोच और प्यार ने इन्हें एक नए इनोवेशन की तरफ मोड़ा और आज उन्होंने वो तरकीब ईजाद किया, जिससे घर में अकेले रहने वाले बुजुर्ग समय पर दवा ले सकें।
क्लास 8th की छात्रा भाव्या और उसके साथी अलीशा अक्षरा और सोनम ने एक ऐसा गैजेट बनाया है जिससे बुजुर्ग नहीं भूलेंगे दवा खाना। यूथ आइडियाथण 2025 के सीनियर वर्ग में इन बच्चों के इनोवेशन का देश के टॉप 2000 में चयन हुआ है। इन बच्चों के चयन ने मदर टेरेसा विद्यापीठ विद्यालय परिवार को गौरवान्वित किया है।
यह है बच्चों का आइडिया
इन बच्चों ने ऐसा गजेट बनाया है जिसमें दवाई के डब्बे के साथ इस गजेट को जोड़ दिया जाय और जब दवा खाने का वक्त होगा तब ये अलार्म आवाज के साथ उन्हें दवा खाने के लिए सचेत करेगा। जिससे घर में अकेले रह रहे बुजुर्ग समय से दवाई ले सके। बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक डॉक्टर फुलगेन पुर्बे ने बच्चों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दिया।
स्कूल के निदेशक सतीश झा ने बताया कि यह पहले चरण का चयन है। इसके बाद इन बच्चों को आई आई टी जैसे संस्थानों में एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि इन बाल वैज्ञानिकों का आइडिया प्रोडक्ट्स का रूप ले सके। वहां पर चयन के बाद कॉपीराईट के लिये भी मदद किया जाएगा।
इस उपलब्धि पर मदर टेरेसा विद्यापीठ विद्यालय की प्राचार्य विनीता कुमारी ने बधाई देते हुए कहा कि हम विद्यालय में आइडिया मोवमेंट लाना चाहते हैं। वहीं विद्यालय के प्रबंधक सतीश कुमार झा ने बधाई देते हुए कहा कि 21वी सदी स्किल का युग है। और इसे बढावा देने की अवश्यकता है। विद्यालय के विज्ञान शिक्षक रौशन झा एवं ए टी एल प्रभारी कृषांग कुमार ने भी बच्चों को चयन पर बधाई दिया।








