
डिबेट-राजनीतिक सभा में शामिल होने पर 3 शिक्षक निलंबित, 1 पर FIR
बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंका जा चुका है। सारे राजनीतिक दल और प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार प्रसार में लगे हैं वहीं सम्माननीय शिक्षक अब गुरुवर की गरिमा को भूल गए हैं और पठन पाठन का कार्य छोड़कर नेतागिरी की तरफ बढ़ चलें हैं।
इसी कड़ी में सारण जिले के चार शिक्षकों को राजनीतिक दलों के कार्यक्रम और डिबेट में भाग लेना महंगा पड़ गया। जिला प्रशासन ने इन पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज करते हुए तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है, जबकि एक नियोजित शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश जारी किया गया है।
जिला पदाधिकारी, सारण को प्राप्त शिकायत की जांच में पाया गया कि राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छपरा की विशिष्ट शिक्षिका प्रियंका कुमारी 10 अक्टूबर को एक निजी न्यूज चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री में भाग लिया था। जहां उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना किया था। जिला प्रशासन ने इसे बिहार सेवक के नियम 1970 के कंडिका 6 और 10 तथा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना और तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, सदर छपरा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें 50 प्रतिशत जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
इसी निजी न्यूज चैनल के कार्यक्रम में छपरा शहर के मध्य विद्यालय रतनपुरा के प्रधानाध्यापक सुरेन्द्र कुमार सिंह को भी भाग लेने और सरकार की नीतियों पर टिप्पणी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
मशरक प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय घोघिया उत्तर टोला, मशरक के विशिष्ट शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह को राजनीतिक दल की जनसभा में भाग लेने के आरोप में निलंबित किया गया है।इस मामले में मशरक थाना कांड संख्या-451/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। निलंबन के दौरान धर्मेन्द्र कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, दरियापुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें भी 50 प्रतिशत जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने कहा कि शिक्षक का राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होना सरकारी सेवक के आचरण के विपरीत है।










