सरकारी स्कूलों में केवल एकेडमिक नहीं बल्कि हॉलिस्टिक विकास पर ध्यान दिया जाएगा। इसी के मद्देनजर स्कूलों का टाइम टेबल बनाया गया है। अब बच्चों की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के शिक्षण विधि और कार्य कुशलता पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सभी सरकारी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में अब शिक्षण कार्य से पहले प्रार्थना और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने ठंड को देखते हुए नया टाइम टेबल बनाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. ने शुक्रवार को निर्देश दिया। सभी स्कूलों की समय सारणी में तब्दीली करते हुए एक अनुशासन में बांधने की कोशिश है।
शनिवार होगा बैगलेस
नए निर्देश के अनुसार अब स्कूल में शिक्षण का कार्य सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे का होगा। लेकिन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आधे घंटे पहले प्रार्थना और अन्य गतिविधियों के लिए समय निश्चित किया गया है।
शिक्षण के लिए 8 घंटियों का निर्धारण किया गया है जिसमें 40 मिनट मध्यान भोजन के लिए निश्चित रहेगा। पढ़ाई को लेकर प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। लंच के बाद का समय बच्चों के लिए बाल संसद, खेलकूद या रचनात्मक कार्यों के लिए रखा जाएगा। स्कूलों को निर्देश है कि शनिवार को कक्षा 1 से 8 तक के लिए शिक्षा बैगलेस रखा जाए। साथ ही किसी कक्षा की परीक्षा चल रही हो तो दूसरी कक्षाएं विषयवार चलती रहेगी। ये सारी जिम्मेदारी एक प्रधानाध्यक के लिए सुनिश्चित की गई है।
शिक्षा विभाग शिक्षा में नित्य नए सकारात्मक प्रयोग जैसे पेंटिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, संगीत के माध्यम से बच्चों में अनुशासन और लोकतांत्रिक संस्कार गढ़ने की तैयारी कर रही है। यह बिहार की शिक्षा प्रणाली में एक नए इरादे का ऐलान है।









