भारत में एक ऐसी खिचड़ी पक रही है, जिसका अंदाजा शायद सरकार को भी हो। भारत के हर संस्थान पर चोट करने का एक नया सिलसिला शुरू हुआ है। चाहे वह कार्यपालिका हो, न्यायपालिका हो या फिर फिर खुद विधायिका या व्यवस्थापिका हो। बुद्धिजीवियों के अनुसार हर तरीके से नए नए संगठनों या दलों द्वारा हर संस्थान को चोट पहुंचाने का एक कुत्सित प्रयास चल रहा है।

अभी हाल ही में एक केस की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और देश के मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी जिसमें उन्होंने कथित तौर पर यह कहा था कि देश के बेरोजगार युवा केवल डिग्री के बल पर कॉकरोच की तरह कभी जर्नलिस्ट तो कभी RTI एक्टिविस्ट बन कर निकल आते हैं। इस बयान पर बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक पार्टी भी बनी है जिसे कॉकरोच जनता पार्टी का नाम दिया गया है।

अब आपको थोड़ा इसके फाउंडर और इसके संबंधों के बारे में बता दें। इस कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर का नाम अभिजीत दीपके है जो “आम आदमी पार्टी” के आईटी सेल के एडवाइजर के तौर पर काम कर चुका है। यह मनीष सिसोदिया के काफी नजदीक है और फिलहाल अमेरिका में रह रहा है। वैसे यह अकेला नहीं है, इसके साथ 2-3 लोग और काम कर रहे हैं। ये सब सब के सब भारत से बाहर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इनके साथ काम करने वाला प्रतीक के पिता आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं। साथ ही नवीन शेख जो कि दुबई में रहते हैं वो भी इनके साथ जुड़े हुए हैं।
अब तक इंस्टाग्राम पर इसके 6 करोड़ से ऊपर फॉलोअर हो चुके हैं साथ ही X हैंडल पर भी इसके 2 लाख फॉलोअर हो चुके थे उसके बाद इस कॉकरोच पार्टी का ये हैंडल सस्पेंड हो गया। इनका मेनिफेस्टो पर नजर डालिए तो तो इनका सबसे बड़ी घोषणा है कि जो विधायक और सांसद एक पार्टी छोड़ दूसरी पार्टी ज्वाइन करेंगे उन्हें 20 साल तक चुनाव रोकने पर पाबंदी लगा दी जाएगी। साथ ही कुल सीट का 50 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा।
और एक बड़ी खबर जो अभी सामने आई है उसके अनुसार इनका सबसे पहला हमला शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हुआ है। इस तरह धर्मेंद्र प्रधान के निशाने पर आने वाले पहले मंत्री बन गए हैं इन्होंने यह हमला सीजेपी के नए “X हैंडल” कॉकरोच इस बैक और इसके इंस्टाग्राम मंच के माध्यम से शुरू किया गया। यह अभियान शिक्षा क्षेत्र में कथित प्रणालिगत विफलताओं जैसे कि नीट स्नातक 2026 राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा पेपर लीक विवाद पर केंद्रित है। इनका कहना है अब समय आ गया है की व्यवस्था को जवाब दे बनाया जाए व्यवस्था की गलती के कारण ही 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ व्यवस्था की गलती के कारण ही नींद के छात्रों ने आत्महत्या की चाहे कुछ भी हो जाए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा।
इधर बिहार बीजेपी के प्रवक्ता राजीव रंजन का निजी तौर पर कहना है कि “अभी तो यह पैदा हुआ है और पार्टी किसी विरोध के लिए बुरे मंशा से यह स्थापित हुआ है। यह युवाओं को दिग्भ्रमित कर रहा है।” वही राजद के प्रवक्ता ने कहा कि यह जनता मंच है। केंद्र सरकार की नीतियों से त्रस्त आमलोगों का आक्रोश महंगाई, भुखमरी, गरीबी और पेपर लीक के खिलाफ युवाओं का प्रतीकात्मक विरोध है। लोग केंद्र सरकार की नीतियों से त्रस्त होकर आत्मदाह कर रहे हैं और सरकार बाहरी हो चुकी है।”

जो भी कहिये लेकिन जेन जी को हथियार बना कर भारत में एक आंदोलन खड़ी करने की तैयारी चल रही है। अब सरकार को सोचना है कि इस तरह के आंदोलन जिसमें करोड़ो लोग और विपक्ष का साथ मिल रहा हो वो कैसे निपटेगी। यहां यह बात ध्यान देने वाली है कि आने वाले समय में पंजाब में चुनाव होना है और पंजाब की जनता लड़ाके के रूप में विख्यात है चाहे वह किसान आंदोलन हो या कोई और मुहिम।










