रेलवे का गजब खेल! 42 KM सिर्फ 8 मिनट, 2 KM में लगते हैं 2 घंटे
पटना। अगर भारतीय रेलवे के टाइमटेबल पर भरोसा करें तो बिहार में चलने वाली एक ट्रेन दुनिया की सबसे तेज भी है और सबसे धीमी भी। सुनने में यह मजाक लगता है, लेकिन रेलवे के आधिकारिक समय-सारणी में दर्ज आंकड़े कई सवाल खड़े करते हैं।
ट्रेन संख्या 15723 सिलीगुड़ी टाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस जोगबनी से सुबह 5:00 बजे रवाना होकर अररिया 5:35 बजे पहुंचती है। इसके बाद ट्रेन 5:37 बजे अररिया से खुलती है और महज 8 मिनट बाद 5:45 बजे पूर्णिया पहुंचने का समय दर्ज है। अररिया और पूर्णिया के बीच की दूरी करीब 42 किलोमीटर मानी जाती है।
अगर टाइमटेबल के इस गणित को सही मान लिया जाए तो ट्रेन 42 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 8 मिनट में तय करती है। यानी औसत गति 300 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक बैठती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बिहार में बिना किसी प्रचार के दुनिया की सबसे तेज ट्रेन दौड़ रही है?
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। इसी ट्रेन का दूसरा दिलचस्प पहलू और भी हैरान करने वाला है। टाइमटेबल के अनुसार ट्रेन सिलीगुड़ी जंक्शन पर सुबह 11:00 बजे पहुंचती है, वहां से 11:05 बजे रवाना होती है, लेकिन सिर्फ लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित सिलीगुड़ी टाउन पहुंचने का समय दोपहर 1:05 बजे दर्ज है। यानी 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में पूरे 2 घंटे!
ऐसे में यही ट्रेन एक तरफ दुनिया की सबसे तेज और दूसरी तरफ सबसे धीमी ट्रेन बन जाती है। यह विरोधाभास यात्रियों को हैरान करने के साथ-साथ रेलवे की समय-सारणी और परिचालन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
यात्रियों का कहना है कि यदि यह केवल टाइमटेबल की तकनीकी व्यवस्था है तो रेलवे को इसे स्पष्ट करना चाहिए। आखिर ऐसा क्यों है कि कहीं 42 किलोमीटर 8 मिनट में तय होते दिखते हैं और कहीं 2 किलोमीटर के लिए 2 घंटे का समय दर्ज है?
भारतीय रेलवे से अपेक्षा है कि वह इस तरह की विसंगतियों पर स्पष्टीकरण दे, ताकि यात्रियों में भ्रम न फैले और समय-सारणी पर उनका भरोसा बना रहे।









