5 मांगो का ज्ञापन पत्र सौंप किया कार्रवाई करने का आग्रह
पटना / मुजफ्फरपुर: किसानों की समस्या को लेकर ब्रह्मर्षि विकास संगठन, मुजफ्फरपुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज बिहार सरकार के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा से पटना में मुलाकात की। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने अंगवस्त्र भेंट कर मंत्री जी को ‘ब्रह्मर्षि सम्मान’ से सम्मानित किया। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बिहार और विशेषकर मुजफ्फरपुर के किसानों की गंभीर समस्याओं से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।
माननीय कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों और समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और इस संबंध में उचित व त्वरित कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया।
संगठन के महासचिव सुनील कुमार ने ज्ञापन में शामिल किसानों के हित से जुड़े 5 प्रमुख प्रस्तावों (मांगों) के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जो इस प्रकार हैं:
1. सभी किसान कार्ड धारकों को मिले मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा
संगठन ने मांग की है कि आयुष्मान कार्ड योजना में आय सीमा और राशन कार्ड की बाध्यता को हटाकर सभी किसानों को मुफ्त चिकित्सा का लाभ दिया जाए। कृषि लागत बढ़ने और आय कम होने से किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। ऐसे में बिना किसी भेदभाव के सभी कृषकों के लिए मुफ्त चिकित्सा योजना लागू की जानी चाहिए।
2. घोरपड़ास (नीलगाय) के आतंक से मुक्ति
महंगी खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी के बाद घोरपड़ास (नीलगाय) द्वारा फसलों और पेड़ों को बर्बाद किए जाने से किसान कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। संगठन के अनुसार, 20 वर्ष पहले इनका आतंक नहीं था, इन्हें सुनियोजित तरीके से क्षेत्रों में छोड़ा गया है। सरकार द्वारा इन्हें मारने (मरवान) की वर्तमान व्यवस्था नाकाफी है क्योंकि इनकी जन्म दर अधिक है। सरकार इनके संपूर्ण उन्मूलन के लिए एक प्रभावी योजना बनाकर तुरंत लागू करे।
3. किसानों को मिले कंप्यूटराइज्ड जमीन कार्ड तथा स्थाई LPC का दर्जा
जमीन के डिजिटल माइग्रेशन (रजिस्टर से ऑनलाइन करने की प्रक्रिया) के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं, जिसके कारण भूधारी अंचल कार्यालयों से लेकर अदालतों के चक्कर काट रहे हैं। संगठन ने मांग की है कि सरकार सर्वे से पहले जमीन का ब्यौरा सुधारे और हर किसान को उसके हिस्से के अनुसार कंप्यूटराइज्ड कार्ड उसके घर पर उपलब्ध कराए, जिसे स्थाई एल.पी.सी. (LPC) की मान्यता मिले।
4. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ
घोषित समर्थन मूल्य का लाभ जमीन पर किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इसके समाधान के लिए हर क्षेत्र में ‘खुली दुकान’ (अनाज खरीद केंद्र) की व्यवस्था की जाए, जहां किसानों के अनाज का वजन कर इलेक्ट्रॉनिक पर्ची दी जाए और फसल की राशि सीधे किसान कार्ड के माध्यम से उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाए।
5. किसानों की कर्ज माफी हो सुनिश्चित
प्राकृतिक आपदा, कीटों के प्रकोप और घोरपड़ास के कारण लगातार हो रहे नुकसान से किसान कर्जदार हो चुके हैं। साल 2008 के बाद से कोई बड़ी ऋण माफी योजना नहीं आई है। सरकारी योजनाओं (जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) का लाभ भी जटिल प्रक्रियाओं के कारण केवल 10% संपन्न लोगों तक ही सीमित रह जाता है। अतः देश की संपन्नता में मुख्य भूमिका निभाने वाले किसानों के कृषि ऋण को तुरंत माफ किया जाए।
इस मुलाकात के दौरान संगठन के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने उम्मीद जताई कि कृषि मंत्री के आश्वासन के बाद जल्द ही किसानों को इन समस्याओं से राहत मिलेगी।









