जिला परिवहन कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1973 में आर.एन. झा मुजफ्फरपुर के पहले डीटीओ बने थे
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। जिले को 52 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार कोई महिला जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) मिली हैं। नवनियुक्त अधिकारी प्रियंका सिन्हा ने मुजफ्फरपुर जिले की 38वीं डीटीओ के रूप में अपना पदभार बुधवार को संभालेंगी।
52 साल का रिकॉर्ड टूटा
जिला परिवहन कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1973 में आर.एन. झा मुजफ्फरपुर के पहले डीटीओ बने थे। तब से लेकर अब तक, यानी पिछले 52 सालों में इस पद पर सिर्फ पुरुष अधिकारियों की ही तैनाती होती रही। प्रियंका सिन्हा की नियुक्ति के साथ ही यह पुराना सिलसिला टूट गया है और इसे प्रशासनिक स्तर पर एक बेहद महत्वपूर्ण व सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
कौन हैं प्रियंका सिन्हा?
मूल निवासी: वह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले की रहने वाली हैं।
पिछला कार्यकाल: मुजफ्फरपुर में डीटीओ बनने से पहले वह गोपालगंज जिले के हथुआ में अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पद पर तैनात थीं, जहाँ उनका कार्य सराहनीय रहा।
प्राथमिकताएं: समय-सीमा, पारदर्शिता और बेहतर सुविधा
प्रतिनियुक्ति के तुरंत बाद नई डीटीओ प्रियंका सिन्हा ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि “उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता वाहन मालिकों को बिना किसी परेशानी के बेहतर सुविधाएं देना और परिवहन विभाग से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना है। इसके साथ ही, कार्यालय के कामकाज में पूरी पारदर्शिता और कार्यकुशलता (Efficiency) बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।”
इस ऐतिहासिक नियुक्ति के बाद जिला प्रशासन और आम जनता को उम्मीद है कि परिवहन विभाग के कामकाज में तेजी आएगी और आम लोगों से जुड़ी समस्याओं का जल्द निपटारा होगा।









