उमेश कांत गिरि. ब्यूरो प्रमुख. घाटशिला. झारखंड
झारखंड के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जमशेदपुर और सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के बीच शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के अनुरूप उच्च शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से अनुसंधान परियोजनाएं, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP), राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियां, कार्यशालाएं, सेमिनार, प्रशिक्षण एवं प्रमाणपत्र कार्यक्रम, छात्र-शिक्षक विनिमय, समर इंटर्नशिप, औद्योगिक भ्रमण, प्लेसमेंट गतिविधियां तथा डिजिटल एवं उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े कार्यक्रम संचालित करेंगे। साथ ही बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), नवाचार और गुणवत्ता सुधार को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
यह समझौता प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे दोनों संस्थानों की सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इस सहयोग से विद्यार्थियों को आधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं, राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और रोजगारपरक अवसरों का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संसाधनों एवं आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं से जोड़ने का मजबूत माध्यम बनेगा। वहीं कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने इसे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा का ऐतिहासिक अध्याय बताते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल दो संस्थानों के बीच सहयोग नहीं, बल्कि झारखंड में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी “विकसित भारत-2047” के लक्ष्य को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. डॉ. गौतम सुत्रधार, कुलाधिपति प्रभाकर सिंह, कुलसचिव डॉ. नीत नयना, सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
दोनों संस्थानों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू झारखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और रोजगारोन्मुख अवसरों के नए द्वार खोलेगा।








