मुजफ्फरपुर: विशनपुर जगदीश पंचायत में 38 लाख के गबन का आरोप; मामला पहुंचा न्यायालय

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विवाद में हाईकोर्ट की कार्रवाई, नए प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का आदेश, 22 सितंबर को अगली सुनवाई

देवव्रत कुमार सहनी. विशिष्ट संवाददाता/RTI Activist

मुजफ्फरपुर/पटना: मुजफ्फरपुर जिले की विशनपुर जगदीश ग्राम पंचायत एक बार फिर से चर्चा में है। बिहार सरकार से गबन और अनियमितता में बर्खास्त पंचायत के वर्तमान मुखिया सुरेश कुमार के खिलाफ फिर से वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इस वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े मामले में पटना हाईकोर्ट ने नए प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 तय की है।

वित्तीय गबन का मामला?
“याचिका में कहा गया है कि वर्तमान मुखिया सुरेश कुमार पूर्व में ग्रामीण आवास सहायक के पद पर कार्यरत थे। याचिकाकर्ता का दावा है कि उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में विभागीय कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया। वर्ष 2018 में दर्ज प्राथमिकी का भी याचिका में उल्लेख किया गया है। इन तथ्यों का उल्लेख न्यायालय में प्रस्तुत अभिलेखों के आधार पर किया गया है तथा मामला न्यायिक विचाराधीन है।

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याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि “बाद में सुरेश कुमार ने पंचायत चुनाव जीतकर मुखिया का पद संभाला।” लेकिन मुखिया बनने के बाद भी पंचायत निधि के उपयोग में अनियमितताओं के आरोप लगे। याचिका में दावा किया गया है कि पंचायत विकास कार्यों के लिए आवंटित ₹38.30 लाख से अधिक की राशि के दुरुपयोग का मामला भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है। इन आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है और मामले पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।

वार्ड सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव की मांग
याचिकाकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता देवव्रत कुमार सहनी के अनुसार, 13 मार्च 2024 को पंचायत के 2,224 मतदाताओं तथा सभी 13 वार्ड सदस्यों के समर्थन से जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO) को आवेदन देकर मुखिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए विशेष बैठक बुलाने की मांग की गई थी।

याचिका में कहा गया है कि समय पर कार्रवाई नहीं होने के विरोध में उपमुखिया सहित सभी 13 वार्ड सदस्यों ने अप्रैल 2024 में सामूहिक इस्तीफा भी सौंप दिया। बाद में गठित जांच समिति द्वारा मतदाताओं के हस्ताक्षरों का सत्यापन किए जाने और ग्रामीणों की मांग को नियमानुकूल बताए जाने का भी दावा किया गया है।

मामले पर हाईकोर्ट का आदेश
सिविल रिट याचिका (C.W.J.C. No. 2096 of 2025) की सुनवाई करते हुए 28 जुलाई 2026 को पटना हाईकोर्ट की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता के अंतरिम आवेदन को स्वीकार करते हुए नए प्रतिवादियों को मामले में शामिल करने की अनुमति दी। अदालत ने संबंधित प्रतिवादियों को विधिवत नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है तथा आवश्यक दस्तावेज दो सप्ताह के भीतर जमा करने को कहा है।

अगली सुनवाई 22 सितंबर को
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 निर्धारित की है। इस बीच पंचायत से जुड़े विवाद और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

“समाचार प्रकाशित होने तक संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।”

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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