वेतन व नियमितीकरण की मांग को लेकर मुजफ्फरपुर नगर निगम में सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी; शहर में पसरा गन्दगी

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नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा से मिलकर सफाईकर्मी सौंपेंगे मांगों की सूची

खबर जिन्दगी संवाददाता मुजफ्फरपुर, 5 अगस्त 2026
मुजफ्फरपुर नगर निगम के सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी रहने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पटना पहुंचा है, जहां नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ 6 अगस्त गुरुवार को वार्ता होगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए उनकी मांगों का समाधान निकलेगा।

जानकारी के अनुसार नगर निगम में लगभग 350 स्थायी सफाईकर्मी, करीब 400 अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर कार्यरत कर्मचारी तथा लगभग 1200 आउटसोर्स सफाईकर्मी कार्यरत हैं। हड़ताल में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हैं, जिससे कई इलाकों में नियमित सफाई प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

सफाईकर्मियों की प्रमुख मांगें
1. स्थायी सफाईकर्मियों पर सातवां वेतनमान लागू किया जाए।
2. अनुबंध पर कार्यरत सफाईकर्मियों को स्थायी नियुक्ति दी जाए।
3. आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन, सेवा सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों से जुड़े मुद्दे लंबित हैं। उनका कहना है कि इन मांगों के समाधान से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और सफाई व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी।

शहर की सफाई व्यवस्था पर असर
सावन का महीना चल रहा है लेकिन हड़ताल के कारण कई क्षेत्रों में कचरे के उठाव और नियमित सफाई का कार्य प्रभावित हुआ है। नागरिकों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो स्वच्छता के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।

नगर निगम की वित्तीय स्थिति पर भी उठ रहे सवाल
हाल के उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 अप्रैल से 31 दिसंबर तक 206.43 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी। इस अवधि में लगभग 76.82 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए, जबकि लगभग 130 करोड़ रुपये निगम के खाते में उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई थी।

इसी पृष्ठभूमि में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि निगम के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध है, तो हड़ताल के दौरान आवश्यक जनसेवा बनाए रखने के लिए अस्थायी सफाईकर्मियों की सीमित अवधि के लिए नियुक्ति जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है या नहीं। हालांकि इस संबंध में नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।

समाधान की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि सफाईकर्मियों की मांगों पर सकारात्मक संवाद और शीघ्र निर्णय आवश्यक है। वहीं दूसरी ओर, शहर की स्वच्छता बनाए रखना भी नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि कर्मचारियों के हितों और आम जनता की सुविधा, दोनों के बीच एक बेहतर समाधान निकाला जाए।

फिलहाल सभी की निगाहें पटना में कल होनेवाली वार्ता पर टिकी हैं। यदि बातचीत सफल रहती है तो हड़ताल समाप्त होने और शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद की जा सकती है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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