
स्थानीय नेताओं को कार्यकर्ताओं से फुर्सत नहीं, समस्याओं का खड़ा है अम्बार
घाटशिला स्टेशन पर गीतांजलि और आजाद हिंद एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हुआ। नई सुविधा के साथ स्थानीय यात्रियों ने ट्रेन परिचालन और समयबद्धता से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं।
उमेश कांत गिरी. ब्यूरो प्रभारी घाटशिला. झारखंड
घाटशिला। घाटशिला वासियों को रेलवे द्वारा एक नई सौगात दी गई है। अब घाटशिला रेलवे स्टेशन पर गीतांजलि सुपरफास्ट एक्सप्रेस और आजाद हिंद एक्सप्रेस के ठहराव की शुरुआत हुई है। घाटशिला के लोगों को मुंबई, पुणे, हावड़ा जाने के लिए अब घाटशिला से ही ट्रेन की सुविधा दी गई है।घाटशिला स्टेशन पर दोनों ट्रेनों के अप और डाउन रूट पर एक-एक मिनट का स्टॉपेज निर्धारित किया गया है।

इस मौके पर स्टेशन परिसर में जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान गीतांजलि एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
नई ट्रेनों से कहां तक की यात्रा संभव
रेलवे की ओर से मिली जानकारी के अनुसार गीतांजलि एक्सप्रेस और आजाद हिंद एक्सप्रेस के घाटशिला में रुकने से क्षेत्र के यात्रियों को मुंबई, पुणे, हावड़ा समेत अन्य प्रमुख शहरों की यात्रा में सुविधा मिलेगी। गीतांजलि एक्सप्रेस के घाटशिला में ठहराव का समय सुबह और शाम निर्धारित किया गया है, जबकि आजाद हिंद एक्सप्रेस का ठहराव देर रात और मध्यरात्रि के आसपास है।

कार्यक्रम में दिखे सारे स्थानीय जनप्रतिनिधी
नई रेल सुविधा के शुभारंभ के दौरान स्टेशन परिसर में जनप्रतिनिधियों और समर्थकों की काफी मौजूदगी रही। स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा में रहे। नेताजी अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर चाय की चुस्की लेते वक्त फोटो खिंचवाने में ही मशगुल दिखाई दिए।
जबकि वहीं पर आसपास खड़े आम जनता, रिक्शा- ठेले वाले, ऑटो चालकों सहित आम जनता यह नजारा देखकर आपस में कहते दिखे की हमारे ही वोट से जीत कर आए इन नेताओं जनप्रतिनिधियों के पास हम आम लोगों से समस्याओं की जानकारी लेने की जरा सा भी फुर्सत इनके पास नहीं है।

यात्रियों का समय पर ट्रेन परिचालन की मांग
घाटशिला और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जमशेदपुर, हावड़ा, खड़गपुर, झाड़ग्राम समेत दूसरे शहरों में नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए रेल यात्रा करते हैं। उनके लिए लोकल और नियमित ट्रेनों का समय पर परिचालन, पर्याप्त ठहराव और समय-सारणी का पालन प्रमुख मांगे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि नई ट्रेनों के ठहराव से लंबी दूरी की यात्रा में विकल्प बढ़ेंगे, लेकिन रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों की जरूरतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
इस्पात और जन शताब्दी के परिचालन को लेकर भी सवाल
स्थानीय यात्रियों की ओर से इस्पात एक्सप्रेस और जन शताब्दी एक्सप्रेस के परिचालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यहां के जनजीवन से जो रेल मार्ग जुड़ीं हुईं है। उस पर इन नेताओं और अधिकारियों का ध्यान और नज़र कतई जाता हीं नहीं है।
वर्षों से घाटशिला की जीवन रेखा मानी जाने वाली ये ट्रेनें अनियमित रूप से घंटों देरी से चलती रही हैं। इन दो ट्रेनों से यहां की यात्रियों का कार्यालय और काम करने की अवधि जुड़ी हुई हैं। लेकिन यह दोनों ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए इन नेताओं का क्रियाकलाप पूरी तरह से लापरवाही ही प्रतीत होती है।
अब यात्रियों की नजर इस बात पर रहेगी कि नई सुविधा के साथ रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की समस्याओं, ट्रेनों की समयबद्धता और स्थानीय रेल सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।










