
मुजफ्फरपुर में छिनतई-लूट के मामलों ने पुलिस की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल
मुजफ्फरपुर: जिले में छिनतई और लूट की घटनाओं में बेतहाशा इजाफा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। और इन सब के बीच पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुजफ्फरपुर के अलग अलग थानों में दर्ज कुल 34 मामलों में एक ही अपराधी या गिरोह के शामिल होने की बात सामने आई है। अब एसएसपी स्तर से विशेष टीम गठित कर गिरफ्तारी की कवायद शुरू की गई है।
मामला सामने आने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है कि 34 अलग-अलग मामलों में एक ही अपराधी या गिरोह की भूमिका सामने आ रही थी, तो पुलिस की नजर उस तक पहले क्यों नहीं पहुंच सकी?
एक अपराधी को खोज रही 4 थाने
अब तो न डॉन रहा न डॉन में इतनी ऊर्जा, की वह भाग सके। इसके बावजूद मुजफ्फरपुर के 4 थानों की पुलिस अब तक उसे ढूंढ नहीं पाई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में छह, मिठनपुरा में आठ, काजीमोहम्मदपुर में पांच और अहियापुर थाना क्षेत्र में 15 मामले दर्ज हैं। इन सारे मामलों में छिनतई और लूट से जुड़ी धाराएं ही लगाई गई हैं।
यानी चारो थाने की फाइलें में अंकित आंकड़ों को जोड़ा जाए तो उसका भागफल 34 तक पहुंच रहा है। इन सारे मामलों को जोड़कर पुलिस एक ऐसे अपराधी तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी, जिसके बारे में पुलिस का दावा है कि वह कई मामलों में जुड़ा हो सकता है।

औरंगाबाद से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने इधर मुजफ्फरपुर के थानों को मिलाकर एक टास्क फोर्स बनाया ही था कि अपराधी की गिरफ्तारी औरंगाबाद से हो जाती है। और वहीं से खुलासा होता है इस अपराधी के पहचान और इसके द्वारा अंजाम दिए गए वारदात का।
दरअसल औरंगाबाद पुलिस जिले में बढ़ती चेन स्नैचिंग और पैसा छिनतई कांड की पड़ताल कर रही थी। उसी दौरान पुलिस को भनक लगी कि दो लोग फिर से इस तरह की अपराध करने के इकट्ठे हो रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने इन्हें धर दबोचा। मुजफ्फरपुर पुलिस यहां एक को ढूंढ रही है वहीं औरंगाबाद पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर उनके गिरोह के सदस्यों की जानकारी निकाल रही है।
गिरोह का अपराध क्षेत्र
यह गिरोह अंतरराज्यीय एवं अंतरजिला चेन स्नैचिंग और पैसा छिनतई अपराध में बिहार के कई जिलों सहित झारखंड के जिलों में भी सक्रिय था। औरंगाबाद में गिरफ्तारी के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस को सूचना दी गई है। अहियापुर, काजी मोहम्मदपुर, मिठनपुरा और ब्रह्मपुरा थाने की पुलिस अब इनसे पूछताछ कर छिनतई की गई सामानों की बरामदगी के प्रयास में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार नयन्शु उर्फ अभय और हैरन ने मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर में पांच, मिठनपुरा में आठ, अहियापुर थाना इलाके में 14 और ब्रह्मपुरा में छह छिनतई की घटनाओं को अंजाम दिया है। ये दोनों बाइक से शहर की गलियों और सुनसान रास्तों से महिलाओं की चेन और लोगों से पर्स व पैसा छीनकर कटिहार फरार हो जाते थे।
इस गिरोह का अपराध का खानदानी इतिहास
वैसे आपको जानकर हैरानी होगी कि कटिहसर के कोढ़ा थाना के नयाटोला जुराबगंज के शातिरों का यह उनका खानदानी पेशा है। दरअसल गिरफ्तार शातिर नयन्शु उर्फ अभय के पिता रॉबिन राय भी मुजफ्फरपुर में सीरियल लूटपाट करता था। तत्कालीन सिटी एसपी उपेंद्र प्रसाद के कार्यकाल में उसने मिठनपुरा के पानीटंकी चौक पर कैश एजेंसी के कर्मचारी से 38 लाख रुपये की बड़ी लूट को अंजाम दिया था। वहीं हैरन कुमार के पिता गोपाल यादव भी रॉबिन राय का साथी था और उसके साथ मिलकर मुजफ्फरपुर में लूट की वारदातें करता था। पिता के जेल जाने के बाद अब उनके बेटों ने भी मुजफ्फरपुर को ही अपना कार्यक्षेत्र बना लिया है। दोनों सीरियल छिनतई की घटनाओं को अंजाम देकर कटिहार भाग जाते थे।

आखिर मुजफ्फरपुर में इतने घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधी को मुजफ्फरपुर पुलिस क्यूं नहीं पकड़ पाई। तो अब आपको दिखाते हैं मुजफ्फरपुर पुलिस की वो सच्चाई जिससे वह इन अपराधियों को पुलिस क्यूं नहीं पकड़ पाई। दरअसल मुजफ्फरपुर पुलिस तहकीकात करने के नाम पर थानों में आराम फरमाती थी और पुलिस की गाड़ी पर शहर के कुत्तों आराम फरमाते थे।
हो सकता है कि पुलिस इस खबर और तस्वीरों को देखकर खबर जिन्दगी के संवाददाता को खोजने की कोशिश करेगी। साथही यह भी हो सकता है कि पुलिस खबर जिन्दगी के संवाददाता से संपर्क कर उसके ऊपर कुछ कानूनी कार्रवाई भी करे लेकिन खबर जिन्दगी का टैग लाइन ही है “सच आपतक”। तो बस खबर जिन्दगी ने सच का आईना ही दिखाया है।










