मुजफ्फरपुर: शहर के दामूचक की गलियों में बचपन बिताने वाला एक छात्र आज ब्रिटेन की सत्ता के शीर्ष गलियारों तक पहुंच गया है। मुजफ्फरपुर में तीसरी कक्षा तक पढ़ाई करने वाले कनिष्क नारायण ने यूनाइटेड किंगडम (यूके) सरकार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री के रूप में शपथ लेकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे मुजफ्फरपुर और बिहार का नाम रोशन किया है।
कनिष्क नारायण की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शहर में गर्व और खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दामूचक की गलियों से निकलकर वैश्विक स्तर पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालना युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है।
बताया जा रहा है कि यूके के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम के अनुमोदन के बाद मंगलवार को कनिष्क नारायण ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री पद की शपथ ली। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया है। तेजी से बदलती तकनीक और AI के दौर में यह मंत्रालय ब्रिटेन के भविष्य की नीतियां तय करने में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारतीय मूल के कनिष्क नारायण की यह उपलब्धि दुनियाभर में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी गर्व का क्षण है। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक नेतृत्व तक पहुंचा जा सकता है।
मुजफ्फरपुर के लोगों को उम्मीद है कि कनिष्क नारायण की यह सफलता शहर और बिहार के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की नई प्रेरणा देगी।
कह सकते हैं कि दामूचक की गलियों से शुरू हुआ यह सफर अब ब्रिटेन की कैबिनेट तक पहुंच चुका है और यह कहानी पूरे बिहार के लिए गर्व की कहानी बन गई है।








