America-Iran War; फजीहत करा अमेरिका ने की युद्ध खत्म होने की घोषणा

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ईरान की सेना ने कहा, युद्ध कब खत्म होगा ये हम तय करेंगे

पिछले 10 दिनों से चल रहे अमेरिका इजराइल-ईरान युद्ध खत्म होने के आसार दिखने लगे हैं अमेरिका ने अपनी तरफ से कहा की अब युद्ध में ऐसा कुछ बचा नहीं जिसके लिए युद्ध किया जाए तो हम इसके खत्म होने की घोषणा कर रहे हैं। वहीं ईरान ने कहा कि अमेरिका इजरायल ने यह युद्ध हम पर थोपी है खत्म कब होगा यह हम तय करेंगे।

युद्ध के बाद से पूरे विश्व की ईंधन की समस्या उत्पन्न हो गई थी। ईरान से युद्ध में और होर्मुज स्ट्रेट वे पूरी तरह से बंद कर दिया था पूरे विश्व में ईंधन को लेकर हाहाकार मचने लगा था। क्रूड ऑयल के दाम आसमान छू रहे थे। कई देशों ने तो पेट्रोलियम ईंधन के मूल्य तक बढ़ा दिए थे। खुद भारत में भी उच्च ताप से चलने वाले कई कारखाने बंद हो चुके हैं। सरकार ने LPG के दाम ढुलाई के नाम पर 60 रुपए बढ़ा दिए। LPG को लेकर 4 दिन पहले ही khabarjindagi.com ने पहले ही खबर दे दिया था।

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अमेरिका ने युद्ध रोकने के पीछे ईरान की घटती सैन्य क्षमता को वजह बताया है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान की सैन्य क्षमता खत्म हो चुकी है। संचार के साधन नष्ट किए जा चुके हैं। मिसाइल से लेकर ड्रोंस और गोला बारूद तक खत्म हो चुके हैं। लेकिन सच यह ही कि अमेरिका ने युद्ध खात्मे की बात कह युद्ध के शुरू करने की महत्वाकांक्षा को छुपा लिया। अपुष्ट सूत्रों से जानकारी यह भी निकल कर आ रहीं है कि ईरान ने अमेरिका के कई सैनिकों को बंधक बना लिया है। लेकिन khabarjindagi.com इस खबर की पुष्टि नहीं करता है।

इसको लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी जिस राजनीतिक दल से आते हैं उसने ईरान का पक्ष लेने के लिए भारत सरकार पर दबाव बना रही है। इस पार्टी का कहना है कि इस युद्ध को लेकर सरकार संसद में बयान दे। हर सरकार की अपनी कूटनीति और विदेश नीति होती है और विपक्ष किसी देश विशेष या धर्म विशेष के लिए दबाव नहीं बना सकती। वैसे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के धर्मविशेष बयान से शायद ही कोई बुद्धिजीवी अनभिज्ञ हो।

अब यह युद्ध क्या करवट लेगी ये तो कहना अभी मुश्किल है क्योंकि अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के मौत के बाद कल ही उनके बेटे मुज्तबा ख़ामेनेई को ईरान का सर्वोच्च नेता बनाया गया है। इनके बारे में कहा जाता है कि ये अपने पिता से भी ज्यादा कट्टर हैं। अमेरिका की महत्वकांक्षा कितनी पूरी हुई ये तो पता नहीं लेकिन मानवाधिकार के नाम पर इस युद्ध ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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