

व्यापारियों और राजस्थानी समुदाय के लिए सीपीआई नेता भुवनेश्वर तिवारी और कांग्रेस नेता तापस चटर्जी ने उठाई मांग
उमेश कांत गिरी, ब्यूरो प्रमुख. घाटशिला. झारखंड.
घाटशिला/खड़गपुर: पश्चिम बंगाल के संतरागाछी से राजस्थान के खातीपुरा (जयपुर) के बीच जयपुर एक्सप्रेस का नियमित परिचालन नवंबर से शुरू हो रहा है। दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 18061/18062 का नियमित संचालन 4 नवंबर 2026 से संतरागाछी और 6 नवंबर 2026 से खातीपुरा से शुरू किया जा रहा है। इस ट्रेन के परिचालन से पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, ट्रेन के निर्धारित ठहरावों में घाटशिला स्टेशन को शामिल नहीं किए जाने से स्थानीय लोगों में निराशा है। क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने रेलवे तथा स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो से घाटशिला स्टेशन पर भी ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित कराने की मांग की है।
4 नवंबर से संतरागाछी से शुरू होगी नियमित सेवा
ट्रेन संख्या 18061 संतरागाछी-खातीपुरा (जयपुर) एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार को संतरागाछी से दोपहर 2:15 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन रात 11 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 18062 खातीपुरा-संतरागाछी एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 9:15 बजे खातीपुरा से प्रस्थान करेगी और अगले दिन शाम 7:45 बजे संतरागाछी पहुंचेगी



इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ट्रेन का ठहराव
निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार, जयपुर एक्सप्रेस का ठहराव खड़गपुर, टाटानगर, चांडिल, पुरुलिया, मुरी, रांची, लोहरदगा, टोरी, लातेहार, बरवाडीह, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, जपला, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, मिर्जापुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर सेंट्रल, टूंडला, ईदगाह आगरा, खेरली, मंडावर महवा रोड, बांदीकुई और दौसा स्टेशनों पर होगा।
घाटशिला स्टेशन पर ठहराव की मांग तेज
घाटशिला में ट्रेन का ठहराव नहीं होने पर स्थानीय स्तर पर मांग उठने लगी है। सीपीआई के वरिष्ठ नेता भुवनेश्वर तिवारी ने कहा कि घाटशिला स्टेशन पर जयपुर एक्सप्रेस का ठहराव होने से स्थानीय व्यापारियों, राजस्थानी समुदाय के लोगों और आम यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। उन्होंने स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो से इस दिशा में पहल करने की अपील की।
तापस चटर्जी ने भी उठाई आवाज
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता तापस चटर्जी ने भी घाटशिला स्टेशन पर जयपुर एक्सप्रेस के ठहराव की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन के रुकने से क्षेत्र के व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा। उन्होंने सांसद और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
व्यापारियों और स्थानीय यात्रियों को मिलेगी राहत
स्थानीय लोगों का मानना है कि घाटशिला एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और आवागमन का केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जिनका राजस्थान और अन्य राज्यों से सामाजिक एवं व्यावसायिक संपर्क है। ऐसे में जयपुर एक्सप्रेस का ठहराव होने से व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को लाभ मिल सकता है।
रेलवे और सांसद से पहल की उम्मीद
जयपुर एक्सप्रेस का नियमित परिचालन शुरू होने के साथ ही घाटशिला में ठहराव की मांग भी जोर पकड़ रही है। अब स्थानीय लोगों की नजरें रेलवे प्रशासन और क्षेत्रीय सांसद की पहल पर टिकी हैं। यदि घाटशिला स्टेशन पर इस ट्रेन का ठहराव स्वीकृत होता है, तो क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में एक अतिरिक्त रेल सुविधा मिल सकेगी।










