बस 2 साल का इंतेज़ार..बुलेट ट्रेन का सफर बनेगा दमदार

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भारत सरकार की महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन) परियोजना की प्रगति की आज समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में देशवासियों के सामने इसकी पूरी रूपरेखा रखी थी जिस पर विपक्षी दलों ने काफी हो-हंगामा किया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को गुजरात के सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया और भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की टीम से बातचीत भी की। कर्मियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि परियोजना बिना किसी कठिनाई के सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।

आपको बता दें कि यह परियोजना लगभग 508 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 352 किलोमीटर गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में और 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में शामिल है। अब तक 326 किलोमीटर पुल निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और 25 में से 17 नदी पुलों का निर्माण हो चुका है। यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई सहित प्रमुख शहरों को जोड़ेगा, जो भारत के परिवहन बुनियादी ढांचे में एक परिवर्तनकारी कदम है।

बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए काम कर रहे कर्मियों में से एक केरल की एक इंजीनियर से मोदी ने पूछा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन के निर्माण के अनुभव को उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कैसा महसूस किया और इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बारे में वे अपने परिवारों के साथ क्या साझा करती हैं। उन्होंने देश की पहली बुलेट ट्रेन में योगदान देने पर गर्व व्यक्त किया और इसे अपने परिवार के लिए एक “ड्रीम प्रोजेक्ट” और “गर्व का क्षण” बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यदि यहाँ प्राप्त अनुभवों को ब्लू बुक की तरह दर्ज और संकलित किया जाए, तो देश बुलेट ट्रेनों के बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत को बार-बार प्रयोग करने से बचना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बुलेट ट्रेन के कार्यान्वयन से प्राप्त सीखों को दस्तावेज़ीकृत करने के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे रिकॉर्ड बनाए रखने से भविष्य के विद्यार्थियों को लाभ हो सकता है और राष्ट्र निर्माण में योगदान मिल सकता है।

बुलेट ट्रेन परियोजना के पूरा होने पर, मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा के समय को लगभग दो घंटे तक कम कर देगी, जिससे अंतर-शहर यात्रा तेज, आसान और अधिक आरामदायक बनकर क्रांति ला देगी। प्रधानमंत्री के इस दौरे में केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव इस अवसर पर मौजूद थे।


Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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