मुजफ्फरपुर | विशेष रिपोर्ट
बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर को उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है। राज्य कैबिनेट ने ‘शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह बिहार का पहला ऐसा विशेष विश्वविद्यालय होगा, जो पूरी तरह आर्किटेक्चर (Architecture) और सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineering) की शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार पर केंद्रित होगा।
यह विश्वविद्यालय स्वतंत्रता सेनानी शहीद जुब्बा सहनी के नाम पर स्थापित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह संस्थान बिहार के छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, शोध और वैश्विक स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़ी विशेषज्ञता प्रदान करेगा।

वहीं शहीद जुब्बा सहनी यूनिवर्सिटी ऑफ आर्किटेक्चर एंड सिविल इंजीनियरिंग
विधेयक, 2026 के सदन से पारित होने के बाद डॉ. राजभूषण चौधरी,केन्द्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री
एवं सांसद, मुज़फ्फरपुर ने समस्त बिहारवासियों को
हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा है कि अमर शहीद जुब्बा सहनी जी के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना बिहार की शिक्षा, तकनीकी विकास एवं युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण कदम है।
MIT परिसर में होगा विश्वविद्यालय
सरकार ने इस नए विश्वविद्यालय को मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) परिसर में स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विधानसभा में ‘बिहार विशेष विश्वविद्यालय विधेयक, 2026’ के तहत कानून पारित किया जा रहा है। इससे MIT की शैक्षणिक और तकनीकी सुविधाओं का लाभ भी नए विश्वविद्यालय को मिलेगा।
किन क्षेत्रों में होगी पढ़ाई?
यह सुपर-स्पेशलाइज्ड विश्वविद्यालय मुख्य रूप से इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराएगा:
1. B.Arch (बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर)
2. सिविल इंजीनियरिंग (UG एवं PG)
3. अर्बन प्लानिंग एवं शहरी विकास
4. इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन एवं कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी
5. पीएचडी, रिसर्च और इनोवेशन प्रोग्राम
6. डिप्लोमा एवं विशेषज्ञता आधारित तकनीकी कोर्स
रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
विश्वविद्यालय में आधुनिक भवन निर्माण, स्मार्ट सिटी, टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीक और शहरी विकास से जुड़े शोध को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इससे बिहार में तकनीकी अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कैसे होगा एडमिशन?
फिलहाल विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र और आवेदन प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि संभावना है कि:
B.Arch में प्रवेश NATA या JEE Main Paper-2 के आधार पर हो।
सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला JEE Main या BCECEB की प्रक्रिया के अनुसार दिया जाए।
अभ्यर्थियों के लिए भौतिकी, रसायन और गणित (PCM) के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा।
मुजफ्फरपुर बनेगा तकनीकी शिक्षा का नया केंद्र
इस विश्वविद्यालय की स्थापना से मुजफ्फरपुर की पहचान केवल शैक्षणिक शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग शिक्षा के विशेष केंद्र के रूप में भी मजबूत होगी। साथ ही बिहार के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, शहीद जुब्बा सहनी के नाम पर बनने वाला यह विश्वविद्यालय बिहार में तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।









