मुजफ्फरपुर। महिलाओं, किशोरों और बच्चों के अधिकार, सुरक्षा, संरक्षण एवं समग्र कल्याण को मजबूत करने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं ज्ञान-साझाकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बच्चों में बढ़ते अवसाद, मानसिक आघात (ट्रॉमा) और उसके प्रभावों से निपटने के लिए बाल संरक्षण तंत्र से जुड़े अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

मिठनपुरा स्थित एक होटल सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन प्रोत्साहन इंडिया फाउंडेशन और अमर त्रिशला सेवा आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें बिहार के 13 जिलों से बाल संरक्षण इकाइयों, स्वयंसेवी संगठनों, वन स्टॉप सेंटर, बालगृहों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बिहार के बाल संरक्षण तंत्र को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और सशक्त बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, परामर्शदाता, बाल संरक्षण अधिकारी और विकास क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को मनोसामाजिक देखभाल, बाल-केंद्रित हस्तक्षेप और ट्रॉमा से प्रभावित बच्चों की सहायता से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल प्रदान किए गए।

विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बताया कि मानसिक आघात बच्चों और किशोरों के व्यवहार, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण और बाल-अनुकूल देखभाल प्रणाली विकसित करना बेहद जरूरी है। कार्यशाला के दौरान नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद, सहयोग और साझा सीख को भी बढ़ावा दिया गया।

प्रोत्साहन इंडिया फाउंडेशन की संस्थापिका सोनम कपूर ने कहा कि संस्था का प्रयास है कि बच्चे अवसाद की स्थिति में न पहुंचें और यदि कोई बच्चा मानसिक आघात से गुजर रहा हो तो उसकी सही देखभाल की जा सके। इसके साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक करना जरूरी है ताकि वे बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों को समय रहते पहचान सकें।

कार्यक्रम में अमर त्रिशला सेवा आश्रम के सचिव रणजीत कुमार, अवंतिका जैन, सरला श्रीवास सामाजिक-सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार, परफेक्ट सोल्यूशन सोसाइटी के सचिव अनिल कुमार ठाकुर, सोनू सरकार, संतावना भारती, ज्योतिका भारद्वाज, माधुरी कुमारी, दीनबंधु महाजन और सुधीर कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










