
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष तैयारी, चिह्नित पूजा पंडालों में तैनात किए जाएंगे अग्निशमन दस्ते
मुजफ्फरपुर/खबर जिन्दगी: “शक्ति की ज्योति जले, अग्नि दुर्घटना कभी न पले” की संदेश के साथ दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर मुजफ्फरपुर जिला अग्निशमन विभाग ने विशेष तैयारियां की है। अग्निशमन विभाग की मुजफ्फरपुर में दुर्गा पूजा के दौरान 34 संवेदनशील अस्थायी पंडालों पर विशेष नजर है।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी के नेतृत्व में पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा के आवश्यक उपायों, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिला अग्निशमन पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर ने श्रद्धालुओं, पूजा समितियों और आयोजकों से अपील की है कि दुर्गा पूजा के दौरान अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

34 पूजा पंडालों पर अग्निशमन की विशेष नजर
जिला अग्निशमन कार्यालय ने जो जानकारी साझा की है उसके अनुसार, मुजफ्फरपुर शहरी क्षेत्र में 20 और मोतीपुर में 14 पूजा पंडालों को अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण श्रेणी में रखा गया है। इस तरह कुल 34 पूजा पंडालों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन चिह्नित स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के मद्देनजर अग्निशमन दस्तों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। अग्निशमन कर्मी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे।
पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
दुर्गा पूजा के दौरान सप्तमी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों में पहुंचते हैं। इस दौरान विद्युत सजावट, अस्थायी संरचनाओं, भीड़भाड़ और ज्वलनशील सामग्रियों के कारण अग्नि सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूजा समितियों और आयोजकों को जरूरी सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।

अग्निशामक यंत्र और सुरक्षित बिजली व्यवस्था
पूजा पंडालों में अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता, बिजली के तारों और कनेक्शनों की सुरक्षित व्यवस्था तथा ज्वलनशील सामग्री जैसे कि दिया-बाती के सावधानीपूर्वक उपयोग को महत्वपूर्ण बताया गया है। आयोजकों से आग्रह किया गया है कि आपातकालीन निकास द्वार की व्यवस्था करें। जिससे कि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालु सुरक्षित बाहर निकल सकें।
पूजा समितियों और स्वयंसेवकों की अहम भूमिका
अग्निशमन विभाग न कहा है कि आग से संबंधित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अग्निशमन विभाग, पूजा समितियों के आयोजकों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। विभागीय स्तर पर सुरक्षा संबंधी निर्देशों और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सावधानी से कम हो सकता है जोखिम
विद्युत सजावट में लापरवाही, क्षमता से अधिक विद्युत भार और निकास मार्गों में रुकावट जैसी स्थितियां दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकती हैं। इसलिए पूजा आयोजकों को सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने और किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं करने की जरूरत है।










