जीवन देने वाली बेटी गंदी हो गई!

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बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम ने कईयों की आशाएं ही नहीं तोड़ी, बल्कि घर-परिवारों में भी दरारें डाल दी। सारे रिश्ते-नाते बेमानी हो गए। पिता और पुत्री का रिश्ता सर्वश्रेष्ठ रिश्ते में गिना जाता है वो भी दागदार हो गया। हम बात कर रहे हैं बिहार के पारिवारिक राजनीतिक दल राजद के लालू परिवार के दरकते रिश्तों की।

अभी लगभग 3 साल पहले लालू यादव की तबियत काफी खराब हो गई थी। उनकी दोनों किडनियों ने काम करना बंद कर दिया था। उचित इलाज को लेकर भारत के बड़े से बड़े डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। तब लालू प्रसाद यादव के जीवन में एक रौशनी की तरह उनकी बेटी रोहिणी आचार्य पिता के जीवन को वापस लाने की भूमिका में नजर आई। रोहिणी ने अपनी एक किडनी पिता को दान कर लालू यादव के जीवन को एक नया आयाम दिया। लेकिन वहीं बेटी आज उस परिवार की सबसे गंदी बेटी बन गई। रोहिणी आचार्य ने बैंक टू बैक जो ट्वीट किए। उससे तो ऐसा ही लगता है।

रोहिणी ने ट्वीट में लिखा है कि “कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूँ और मैंने अपने  पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी , करोड़ों रूपए लिए , टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी .. सभी बेटी – बहन , जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा – भाई हो , तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं , अपने भाई , उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी  दोस्त की किडनी लगवा दे ” .. सभी बहन – बेटियां अपना घर – परिवार देखें, अपने माता – पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे , अपना काम, अपना ससुराल देखें , सिर्फ अपने बारे में सोचें ..  मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा , किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली .. अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया .. आप सब मेरे जैसी गलती , कभी , ना करे किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो”

रोहिणी ने लिखा है कि उसने किडनी देने के पहले ना ही अपने पति से पूछा और न ही सास-ससुर से कोई बात की, यहां तक कि उसने अपने तीनों बच्चों के भविष्य को भी नजरअंदाज किया कि रोहिणी को अगर कुछ हो जाए तो उसके बाद उस उसके बच्चों का क्या होगा। और उसे लालू परिवार में ऐसी बेइज्जती की गई।

एक हार ने पिता के घर में पूरे परिवार के सामने बेटी की ऐसी जलालत और वो भी गैरों के द्वारा आखिर कैसे सहन कर लिया एक पिता ने। पहले तेजप्रताप और अब रोहिणी आचार्य के घर से नाता तोड़ने के बाद तेजस्वी की आकांक्षा अब खुल कर कर सामने आ गई है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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