बच्चों में देश के महान सपूतों से जुड़ने का माध्यम बन रहा वीरगाथा

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कहने को मुजफ्फरपुर में लगभग 3400 स्कूल है लेकिन देशभक्ति का जज्बा दिखाने वीरगाथा प्रोजेक्ट के तहत मात्र 41 स्कूलों के बच्चे ही सामने आए जो वीरों की कहानी से रूबरू हुए और उनके प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सके। 10 नवंबर तक ही प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तारीख है। जिले के मात्र 1% स्कूल के बच्चों की प्रविष्टियां हो जमा हो पाई हैं।

बच्चों में देशभक्ति और नागरिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा यह संयुक्त पहल शुरू किया गया है।  वीरगाथा प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी। इस प्रोजेक्ट के तहत, छात्रों को वीरता पुरस्कार विजेताओं की कहानियों और उनके बलिदानों से प्रेरित होने के लिए कविता, निबंध, चित्रकला और मल्टीमीडिया प्रोजेक्ट जैसे रचनात्मक कार्यों को करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

रक्षा मंत्रालय के वीरगाथा प्रोजेक्ट में सभी स्कूलों को शामिल होने का निर्देश दिया गया था। प्रोजेक्ट वीरगाथा में अलग अलग प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को शामिल होना है। कक्षा 3 से 12 के विद्यार्थी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। इसमें कला एकीकृत गतिविधियां जैसे कविता, निबंध, कहानी, पैराग्राफ, पेंटिंग, ड्राइंग, वीडियो छात्रों के लिए परियोजना गतिविधियों के रूप में माना गया है। प्रतिभागियों का मूल्यांकन तीन स्तर पर किया जाना है। विजेता बच्चों को 10 हजार तक की राशि और सर्टिफिकेट भी मिलने हैं।

स्कूलों की इस लापरवाही पर डीईओ ने जवाब मांगा है। कई प्रखंड तो ऐसे हैं, जहां से एक भी स्कूल के बच्चे इसमें शामिल नहीं हुए हैं। पारू, कांटी, औराई, बोचहां, कुढ़नी, मुरौल, साहेबगंज, जैसे प्रखंडों में लापरवाही इस कदर है कि यहां के एक भी बच्चे इसमें शामिल नहीं हुए हैं। अब तक कि प्रविष्टि के अनुसार सबसे ज्यादा 20 बच्चे मीनापुर प्रखंड के स्कूलों से है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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