अमेरिका-ईरान युद्ध चला लंबा तो खामियाजा भुगतेंगे भारत के किसान; होगी खाद की किल्लत!

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पिछले 7 दिनों से अमेरिका इजराइल का ईरान से भीषण युद्ध चल रहा है। सैकड़ों जाने अब तक जा चुकी हैं। ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य का संकरा रास्ता बंद हो चुका है। अगर ऐसे में ये युद्ध लंबा चला तो इसका खामियाजा भारत के किसानों को भी भुगतना पड़ेगा।

ईरान-इजराइल युद्ध के कारण दुनिया भर में पेट्रोलियम की किल्लत होने लगी है। कच्चे तेल का दाम आसमान छू रहा है। भारत भी अपनी खपत का 85 प्रतिशत हिस्सा आयात ही करता है, हालांकि भारत पर पेट्रोलियम ईंधन को लेकर अभी खतरा नहीं है लेकिन LPG और उर्वरकों के आयात पर समस्या आ सकती है।

भारत अपनी जरूरत के उर्वरकों के लिए भी खाड़ी देशों पर निर्भर है। भारत फॉस्फेट और यूरिया के कच्चे माल का आयात खाड़ी देशों से ही करता है। साथ ही यूरिया और डीएपी के लिए खाड़ी देशों मसलन ओमन पर ही निर्भर है। खेती और अन्य जरूरतों के उर्वरक का 46 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं खाड़ी देशों से आयात होता है। ऐसे में होर्मुज का रास्ता बंद होने से उर्वरकों की किल्लत हो सकती है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ेगा।

केवल उर्वरक ही किसानों के लिए मुश्किल नहीं खड़ी कर रहा बल्कि चावल और अन्य खाद्यान्न जैसे कि गेहूं और दालों का निर्यात भी प्रभावित हो सकता है। भारत में उपजने वाला बासमती चावल और गेहूं का बड़ा हिस्सा खाड़ी और अन्य देशों को निर्यात किया जाता है। समुद्री रास्ता बंद होने से भारत अपना खाद्यान्न निर्यात करने के लिए अन्य समुद्री रास्तों का इस्तेमाल करेगा, जिससे माल धुलाई की लागत बढ़ेगी और जिसका असर महंगाई पर दिखेगा और सामान महंगा होगा।

होर्मुज का रास्ता बंद होने के कारण भारत पर इसका सीधा असर दिखेगा। आयात और निर्यात में कमी आने की पूरी संभावना है जिससे लगभग 15 से 20लाख करोड़ के व्यापार पर प्रभाव पड़ेगा। भारत खजूर के लिए पूरी तरह से से इन्हीं खाड़ी देशों पर निर्भर है वही भारत का कपड़े, झींगा और मांस का निर्यात खाड़ी देशों को किया जाता है वह भी प्रभावित होगा। सोने अपने मूल्य में भी नया रिकॉर्ड बना सकता है। सोने का भाव भी बढ़ने की पूरी संभावना है। भारत के कई मालवाहक जहाज होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से फंस गए हैं। इसके कारण महंगाई में कुछ इजाफा होने की पूरी संभावना है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई इस युद्ध में अपनी जान गंवा चुके हैं इसके बावजूद ईरान पूरे दमखम के साथ युद्ध जारी रखे हुए है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

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