मुजफ्फरपुर: headline से ही आपकी बात समझ में आ गई होगी कि बारिश की कमी से बिहार में सुखाड़ की परिस्थितियां बनती नजर आ रही है। लेकिन इसी बीच बाढ़ के अंदेशे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में दिख रही है। इसको लेकर DM ने तटबंधों का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सोमवार को गंडक नदी के बाएं तट पर स्थित तिरहुत तटबंध के संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ पूर्व तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सरैया प्रखंड के रेवा घाट और पारू प्रखंड के मानिकपुर समेत कई संवेदनशील बिंदुओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी सभी तैयारियां समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों के अधिकारी और कर्मी 24×7 सतर्क रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
डीएम ने तटबंधों पर बालू से भरे ईसी (EC) बैग का पर्याप्त भंडारण सुरक्षित रखने, बाढ़ सुरक्षा से जुड़े आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। इसके अलावा संवेदनशील स्थलों पर हाई मास्ट लाइट, पर्याप्त मजदूरों की तैनाती और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
बिहार में इस बार बारिश की स्थिति सामान्य से कम दिख रहा है। जुलाई के 20 दिन बीत जाने के बाद भी सामान्य से औसतन कम बारिश हुई है। किसानों को भी खेती में परेशानी होती दिख रही है। किसानों से बात करने पर उन्होंने अपनी समस्या को खबर जिन्दगी के साथ साझा किया। उनका कहना था कि बारिश की कमी से खेतों में बोरिंग या पॉम्पिंग सेट से पानी की व्यवस्था किया जा रहा है जिसके कारण खेती की लागत बढ़ रही है।
बहरहाल डीएम ने बाढ़ की संभावित आशंका को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और कहीं भी कटाव, रिसाव या क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत एवं सुरक्षा उपाय किए जाएं। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाढ़ पूर्व तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








