सर्वोच्च न्यायालय और देश के मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी जिसमें उन्होंने कथित तौर पर यह कहा था कि देश के बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह कभी जर्नलिस्ट तो कभी RTI एक्टिविस्ट बन कर निकल आते हैं। इस बयान पर बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया। इसके बाद देश में एक पार्टी भी बनी है जिसे कॉकरोच जनता पार्टी का नाम दिया गया है।
हम आपको चीफ जस्टिस का वो बयान भी बताएंगे, लेकिन उनके इस बयान के बाद बेरोजगार युवाओं ने सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी से एक पैरोडी अकाउंट बना डाली। वैसे यह पार्टी चुनाव लड़ने के बनी कोई असली पार्टी नहीं, बल्कि कुछ युवाओं ने सांकेतिक तौर पर CJI की टिप्पणी के विरोध में बनाया है। यह पैरोडी अकाउंट सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हो रहा है। जिससे काफी युवा ज्वॉइन कर रहे हैं। 24 घंटे के अंदर पार्टी के 15,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। वहीं अब तक 40,000 से ज्यादा लोग इसके सदस्य बन चुके हैं। पार्टी ने अपनी बायो में लिखा है कि यह बेरोजगारों की आवाज उठाएगी।
दरअसल एक केस की सुनवाई के दौरान CJI ने एक वकील से कहा था, ”पूरी दुनिया वरिष्ठ अधिवक्ता बनने की कोशिश कर रही है, लेकिन कम से कम आप इसके योग्य नहीं हैं।” उन्होंने कहा, ”समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और आप उनके साथ जुड़ना चाहते हैं?” जस्टिस सूर्यकांत ने आगे कहा, ”कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न कोई रोजगार मिलता है और न ही किसी पेशे में उनका कोई स्थान होता है। उनमें से कुछ मीडिया के क्षेत्र में जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बनते हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता बनते हैं और फिर वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।”
इस बवाल के बाद बवाल मच गया था और कहा जा रहा था कि देश के मुख्य न्यायधीश को युवाओं के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। इसके बाद
CJI ने अपनी सफाई में एक बयान जारी करते हुए कहा “मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल एक हल्के मामले की सुनवाई के दौरान मेरे द्वारा की गई मौखिक टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया है।” जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उन्होंने यह बयान ‘नकली और फर्जी डिग्रियों’ के जरिए कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे लोगों के लिए था और मीडिया के एक वर्ग द्वारा उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया।
चीफ जस्टिस साहब को शायद यह ध्यान नहीं था कि सरकार की बनाई हुई व्यवस्था से जब कभी अराजकत फैलती है। तब स्थानीय स्तर पर ये सोशल मीडिया influencer ही उसकी जानकारी पहले मातहत अधिकारियों तक पहुंचाते हैं। ठीक है कि इन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई नहीं की होती हैं पर प्रारंभिक जानकारी तो ये सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचा ही देते हैं। और वैसे भी अब पत्रकारिता सूचना देने भर का नहीं रहा बल्कि अब पत्रकार उसपर अपनी राय भी देने लगे हैं , जो बिल्कुल ही सही है।
अब खबर है कि इस पार्टी को ममता बनर्जी की पार्टी के सांसदों ने भी ज्वॉइन किया है। महुआ मोइत्रा और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने तो बकायदा सोशल मीडिया पर इस पार्टी की सदस्यता ले ली है। महुआ मोइत्रा ने एक पोस्ट में लिखा, “मैं एंटी नेशनल पार्टी की सदस्य होने के अलावा CJP में भी शामिल होना चाहूंगी। कीर्ति आजाद ने भी ऐसा ही पोस्ट किया। वहीं पार्टी ने रिप्लाई देते हुए दोनों का स्वागत किया।










